अनुसूचित जनजाति हितग्राही को मिलेगा मत्स्य संपदा योजना का लाभ
मत्स्य संपदा योजना के लिए जनजाति मछलीपालक 27 अक्टूबर तक कर सकते हैं आवेदन
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान रीवा मध्य प्रदेश
रीवा 14 अक्टूबर 2026. भारत सरकार की धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राहियों के आर्थिक विकास के प्रयास किए जा रहे हैं। मछलीपालन विभाग द्वारा धरती आबा योजना के तहत अनुसूचित जनजाति वर्ग के मछलीपालक किसानों को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का लाभ देने के लिए अवसर दिया जा रहा है। इस संबंध में सहायक संचालक मछलीपालन कमल नरवाय ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए अनुसूचित जनजाति वर्ग के मछलीपालक किसान 27 अक्टूबर तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पत्र के साथ स्वयं की भूमि का खसरा तथा नक्शा, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, समग्र आईडी, बैंक पासबुक की छायाप्रति तथा पासपोर्ट आकार की दो फोटो संलग्न करना आवश्यक होगा। आवेदन पत्र सहायक संचालक मछलीपालन कार्यालय शिल्पी प्लाजा एक ब्लॉक में जमा करें।
सहायक संचालक ने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत जनजातीय वर्ग के हितग्राहियों को मछलीपालन तालाब निर्माण, बायोफ्लाक तालाब निर्माण, आरएएस निर्माण, मछलियों के लिए पोषक आहार निर्माण इकाई तथा हेचरी निर्माण के लिए सहायता दी जाती है। इस योजना से आइस प्लान, मछली परिवहन के लिए आइस बाक्स के साथ मोटरसाइकिल तथा इंसुलेटेड वाहन के लिए भी सहायता दी जाती है। जनजातीय वर्ग के हितग्राहियों को इकाई लागत की 90 प्रतिशत राशि अनुदान के रूप में दी जाती है। योजना का लाभ लेने के लिए कार्यालयीन समय में सहायक संचालक कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है
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