
खरीफ सीजन से पहले बीज उत्पादक, वितरक और विक्रेताओं की राज्यस्तरीय कार्यशाला संपन्न
किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराएं: कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान: पुणे, महाराष्ट्र
पुणे, : संभावित एल-नीनो प्रभाव के कारण इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना जताई गई है। ऐसे में किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज समय पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, यदि दोबारा बुवाई की स्थिति उत्पन्न हो, तो बीजों की कमी न हो—इसके लिए पर्याप्त भंडारण किया जाए। यह निर्देश राज्य के कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने दिए।
वे यहां कृषि महाविद्यालय स्थित शिरनामे सभागार में आयोजित बीज उत्पादक कंपनियों, वितरकों और विक्रेताओं की खरीफ पूर्व राज्यस्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर कृषि राज्यमंत्री आशिष जयस्वाल, कृषि आयुक्त सुरज मांढरे, महासंचालक राहुल माहिवाल, राष्ट्रीय सूचना केंद्र के वरिष्ठ निदेशक अविनाश पेडगांवकर, विस्तार एवं प्रशिक्षण निदेशक रफीक नाईकवाडी, निविष्ठा एवं गुणवत्ता नियंत्रण निदेशक सुनील बोरकर सहित कई अधिकारी एवं बीज उत्पादक, वितरक व विक्रेता उपस्थित थे।
कृषि मंत्री भरणे ने कहा कि सभी संबंधित पक्ष आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध हो सकें। उन्होंने बीजों के पर्याप्त भंडारण पर विशेष जोर दिया।
राज्यमंत्री आशिष जयस्वाल ने कहा कि महाराष्ट्र ने कृषि क्षेत्र में देश को दिशा देने का कार्य किया है। विकसित महाराष्ट्र 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सभी को समन्वित प्रयास करने चाहिए। उन्होंने नकली बीजों पर रोक लगाने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ‘साथी पोर्टल’ के उपयोग पर बल दिया।
कृषि आयुक्त सुरज मांढरे ने बताया कि उन्नत बीजों और आधुनिक तकनीक के उपयोग से बीज उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ‘साथी पोर्टल’ उत्पादकों और विक्रेताओं के लिए एक महत्वपूर्ण साधन है, जो कानूनी प्रक्रियाओं में भी सहायक सिद्ध होगा।
कार्यक्रम में निदेशक सुनील बोरकर ने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाले बीजों के उपयोग से फसल उत्पादन में लगभग 20 प्रतिशत तक वृद्धि संभव है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा विकसित ‘साथी पोर्टल’ का क्रियान्वयन खरीफ 2023 से किया जा रहा है और इसके सफल कार्यान्वयन में महाराष्ट्र देश में अग्रणी है।
इस अवसर पर डॉ. प्रीति सवाईराम ने ‘साथी पोर्टल’ की उपयोगिता और सुविधाओं पर विस्तार से जानकारी दी, जबकि अविनाश पेडगांवकर ने इसके उपयोग के दौरान आने वाली तकनीकी समस्याओं के समाधान पर मार्गदर्शन किया। तकनीकी अधिकारी अनिल महामुलकर ने बीज अधिनियम की प्रावधानों और बीटी कॉटन संबंधी जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान मान्यवरों के हाथों ‘साथी पोर्टल’ मार्गदर्शिका का विमोचन भी किया गया।


