
अफवाह बनी काल: ट्रैक पर उतरे यात्री, दूसरी ट्रेन ने ली 4 जानें
मुरैना ट्रेन हादसे का वीडियो, लोग कटते दिखे:500 मीटर तक फैले मांस के लोथड़े, पोटली में समेटे; 6 सदस्यीय टीम करेगी जांच
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान:मुरैना मध्य प्रदेश
खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में मोबाइल फटने से आग लगने की अफवाह ने 4 जानें ले लीं। मृतकों के शरीर के हिस्से करीब 500 मीटर तक बिखर गए। इनको पोस्टमॉर्टम के लिए पोटली में समेटना पड़ा। हादसे का वीडियो भी सामने आया है।
झांसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने कहा- किसी यात्री ने ट्रेन में मोबाइल फटने से आग लगने की अफवाह फैलाई, फिर चेन खींच दी। 6 सदस्यीय कमेटी घटनास्थल का निरीक्षण कर अफसरों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करेगी। इसकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। मृतकों के परिजन को आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।
बता दें कि ट्रेन नंबर 19665 खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस रविवार शाम करीब 4:15 बजे हेतमपुर और धौलपुर स्टेशन के बीच चेन पुलिंग के कारण रुक गई थी। मोबाइल ब्लास्ट और आग लगने की अफवाह से घबराए यात्री नीचे उतर गए। इसी दौरान 4 यात्री दूसरी ट्रेन पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आ गए।
हादसे में राजस्थान के बीकानेर निवासी बिरमा देवी (60), उत्तर प्रदेश के आगरा में रुनकता निवासी शकुंतला सिंह (60), आगरा के सुल्तानगंज निवासी आफरीन (35) और उनके बेटे असद (4) की मौत हो गई
39 सेकंड तक पटरी पर दौड़ी मौत
ट्रेन हादसे के 39 सेकेंड के वीडियो में 100 से ज्यादा लोग रेलवे ट्रैक पर खड़े दिखाई दे रहे हैं। कई लोगों के हाथ और सिर पर सामान और पोटलियां भी नजर आ रही हैं। इसी दौरान दूसरी पटरी पर पातालकोट एक्सप्रेस आती दिखती है। ट्रेन का लोको पायलट लगातार हॉर्न बजाता है, लेकिन ट्रैक पर मौजूद लोग समय रहते नहीं हट पाते।
इसके बाद लोको पायलट इमरजेंसी ब्रेक लगाता है। ट्रैक पर खड़े लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते हैं। इतनी देर में तेज रफ्तार ट्रेन लोगों को रौंदते हुए आगे बढ़ जाती है, फिर कुछ दूरी पर जाकर रुक जाती है।
मृतकों के परिजन सोमवार सुबह तक रेलवे ट्रैक के किनारे बैठे रहे।
किसान की सूचना पर पहुंची पुलिस
जंगल में लकड़ी लेने गए एक किसान ने पुलिस को हादसे की सूचना दी। उस वक्त सराय छोला और सिविल लाइन थाने की पुलिस पास ही रेत के अवैध डंप पर कार्रवाई कर रही थी, जो तुरंत मौके पर पहुंच गई। टीम ने रेलवे अफसरों को जानकारी दी। राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
बागेश्वर धाम से दर्शन कर लौट रही थी बिरमा देवी
हादसे में जान गंवाने वाली बिरमा देवी अपने पड़ोसियों और रिश्तेदारों के साथ बागेश्वर धाम के दर्शन कर जयपुर लौट रही थीं। उनके साथ सफर कर रहे गणेश ने बताया कि किसी ने ट्रेन में आग लगने की अफवाह उड़ा दी थी। जिसके बाद लोग घबराकर ट्रेन से उतर पड़े।
एसपी बोले- पीड़ित परिवारों को हर मदद देंगे
मुरैना एसपी धर्मराज मीणा और कलेक्टर योगेश कुमार जांगिड़ भी मौके पर पहुंच गए थे। पुलिस ने रात में ही चारों शवों का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजन को सौंप दिया। एसपी मीणा ने पीड़ित परिवारों को आश्वस्त किया है कि उनकी हर संभव मदद की जाएगी।
आरपीएफ थाना प्रभारी अमित चौधरी ने कहा- मुरैना से ट्रेन निकलने के बाद सिकरौदा, घेर और हेतमपुर जैसे छोटे स्टेशनों के बीच चेन पुलिंग की अक्सर शिकायतें मिलती रहती हैं। झांसी मंडल कार्यालय से ही इसकी अधिकृत जानकारी मिल पाएगी।


