
अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस पर जागरूकता शिविर आयोजित
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान:सीतामढ़ी बिहार
सीतामढ़ी: अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस के अवसर पर श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग द्वारा सीतामढ़ी नगर के शांति नगर स्थित संयुक्त श्रम भवन, डुमरा के सभागार में एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन श्रमिकों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।शिविर में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी रौशन कुमार सिंह ने श्रमिकों को संबोधित करते हुए कहा कि श्रमिक राष्ट्र के निर्माता होते हैं। उन्होंने जानकारी दी कि 1 अप्रैल से न्यूनतम दैनिक मजदूरी इस प्रकार निर्धारित की गई है—अकुशल के लिए ₹436, अर्द्धकुशल के लिए ₹452, कुशल के लिए ₹ 551 तथा उच्च कुशल के लिए ₹662। उन्होंने श्रमिकों से अपील की कि किसी भी समस्या की स्थिति में वे श्रम कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि उसका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि श्रमिकों के परिश्रम से ही राष्ट्र की प्रगति और विकास की मजबूत नींव तैयार होती है। इस अवसर पर एलईओ विष्णुधर शर्मा ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत स्वाभाविक मृत्यु लाभ, दुर्घटना मृत्यु लाभ, पूर्ण स्थायी निशक्तता, आंशिक स्थायी निशक्तता, श्रमिकों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति तथा असाध्य रोगों के उपचार हेतु चिकित्सा सहायता सहित कई लाभ प्रदान किए जाते हैं। कार्यक्रम में यूनिसेफ-प्रथम संस्था के जिला समन्वयक सुधीर कुमार ने आधुनिक युग में श्रम के बदलते स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बाल श्रम समाज के विकास में एक बड़ी बाधा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चों को श्रम से दूर रखकर उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। वहीं मजदूर यूनियन के प्रतिनिधि प्रेम चंद्र सिंह एवं महेश झा ने भी श्रमिकों के हितों, उनके अधिकारों तथा भविष्य की चुनौतियों पर अपने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर एलईओ पिंटू कुमार, दिलीप कुमार, सुधांशु कुमार, पारिजात परिमल, प्रमोद कुमार, लिपिक दिलीप कुमार, निशांत प्रेम, संतोष कुमार, राजकांत झा सहीत श्रमिक उपस्थित रहे।