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मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने ई-रिक्शा से यात्रा कर दिया ईंधन बचत व पर्यावरण संरक्षण का संदेश

मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने ई-रिक्शा से यात्रा कर दिया ईंधन बचत व पर्यावरण संरक्षण का संदेश

 

शुक्रवार को ‘‘नो व्हीकल डे’’ मानते हुए सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें

 

ऊर्जा संरक्षण हेतु सोलर पैनल को बढ़ावा देने पर जोर

 

रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए

 

विभागीय उद्यानों एवं पार्कों में चलाया जायेगा जनजागरूकता अभियान

-मंत्री दिनेश प्रताप सिंह

रिपोर्ट: विशाल समाचार 

स्थान: लखनऊ,उत्तर प्रदेश

 

प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिनेश प्रताप सिंह ने गुरूवार को मा0 प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की अपील एवं मा0 मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के निर्देशों के अनुपालन में ईंधन बचत व पर्यावरण संरक्षण एवं सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में पहल की है। इसी क्रम में उन्होंने अपने 19, गौतमपल्ली स्थित सरकारी आवास से उद्यान निदेशालय तक ई-रिक्शा के माध्यम से यात्रा कर जनसंदेश दिया कि सार्वजनिक परिवहन अपनाना समय की मांग है।

 

उद्यान मंत्री ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वैश्विक परिस्थितियों के मद्देनज़र ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण को लेकर की गई अपील को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से की जा रही है। उन्होंने कहा कि आम जनमानस सप्ताह में कुछ दिन भी सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें तो ईंधन की खपत, प्रदूषण और ट्रैफिक दबाव में कमी लाई जा सकती है।

 

इस अवसर पर उद्यान विभाग में आयोजित बैठक में उद्यान मंत्री ने प्रदेश के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यालय, मंडल और जनपद स्तर पर ईंधन एवं ऊर्जा व्यय में कमी लाने का लक्ष्य निर्धारित किया जाए। इसके तहत प्रत्येक शुक्रवार को “नो व्हीकल डे” मनाया जाए एवं सार्वजनिक वाहनों का कार्यालय आने-जाने में प्रयोग करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अधिकतम बैठकें ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की जाएं, अनावश्यक यात्रा न करें। साथ ही समान रूट पर आने वाले अधिकारी-कर्मचारी आपसी समन्वय से एक ही वाहन का उपयोग करें।

 

उद्यान मंत्री ने ऊर्जा संरक्षण के संबंध में निर्देशित किया कि कार्यालयों में एसी का तापमान 24 डिग्री से कम न रखा जाए तथा कार्य समाप्ति के बाद सभी विद्युत उपकरण अनिवार्य रूप से बंद किए जाएं। सरकारी भवनों एवं प्रक्षेत्रों पर सोलर पैनल लगाने तथा सिंचाई के लिए सोलर पंप को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि अनावश्यक स्ट्रीट लाइटें न जलाई जाएं।

इसके अतिरिक्त, राजकीय पौधशालाओं एवं प्रक्षेत्रों पर रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने के लिए जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए। खाद्य तेल की खपत में कमी लाने तथा स्वदेशी उत्पादों को अपनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की कि वे स्वयं भी इन उपायों को अपनाएं और आमजन को भी इसके लिए प्रेरित करें।

 

उद्यान मंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, ईंधन एवं ऊर्जा बचत केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने देश के आमजनमानस से इंधन व ऊर्जा बचत, पर्यावरण संरक्षण, सार्वजनिक परिवहन तथा “स्वदेशी अपनाओ” अभियान को जनांदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभागीय पार्क एवं उद्यानों में इससे संबंधित प्रचार समाग्रियों के माध्यम जनजागरूकता फैलायी जाए।

बैठक में अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण श्री बी.एल. मीणा, वित्त नियंत्रक श्री अनिल कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक श्री सर्वेश कुमार व श्री राजीव वर्मा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे तथा प्रदेश के समस्त अधिकारियों ने वर्चुअली प्रतिभाग किया।

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