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अतिवृष्टि के बीच पुणे जिला प्रशासन अलर्ट, बचाव, राहत और विस्थापन कार्य युद्धस्तर पर जारी

अतिवृष्टि के बीच पुणे जिला प्रशासन अलर्ट, बचाव, राहत और विस्थापन कार्य युद्धस्तर पर जारी

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान: पुणे, महाराष्ट्र 

पुणे, । क्षेत्रीय मौसम विभाग द्वारा पुणे जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने के बाद जिले के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश हुई। उपमुख्यमंत्री एवं जिले की पालकमंत्री सुनेत्रा अजित पवार के निर्देश तथा जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन ने सभी विभागों को सतर्क रखते हुए बचाव, राहत और विस्थापन कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है।

जिले के 158 राजस्व मंडलों में से 64 मंडलों में 65 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। जिले में औसत वर्षा 69.4 मिमी रही। मुलशी तहसील के आंबवणे में 296 मिमी, आंबेगांव में 317 मिमी, लोनावला में 202 मिमी, कुसगांव में 189 मिमी तथा वडगांव मावल, चाकण, करंजविहिरे, पाईट, पोमगांव और माले सहित कई क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई।

इसी बीच बुधवार दोपहर लगभग दो बजे मोशी स्थित कचरा डिपो के समीप एक तीन मंजिला इमारत ढह गई। हादसे में 15 से 19 लोगों के फंसे होने की आशंका है। दक्षिण कमान की विशेष टीम, एनडीआरएफ, अग्निशमन विभाग, स्थानीय प्रशासन एवं आपदा मित्रों की संयुक्त कार्रवाई में अब तक चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है, जबकि अन्य लोगों को निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान जारी है।

भारी बारिश के कारण पुणे शहर, हवेली, मुलशी, भोर, मावल, वेल्हा, जुन्नर, खेड़, आंबेगांव तथा पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र के कई पुल और सड़कें सुरक्षा की दृष्टि से अस्थायी रूप से यातायात के लिए बंद कर दी गई हैं। कई स्थानों पर भूस्खलन, पुलों के जलमग्न होने, सड़क धंसने तथा मलबा आने के कारण यातायात को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया गया है। संबंधित विभाग सड़कों को शीघ्र सामान्य करने में जुटे हैं।

बाढ़ और भारी बारिश के खतरे को देखते हुए जिले के विभिन्न हिस्सों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। पुणे शहर के येरवडा, बोपोडी, खड़की और शिवाजीनगर सहित हवेली, मुलशी, भोर, मावल, वेल्हा, जुन्नर और आंबेगांव के संवेदनशील क्षेत्रों से लोगों को स्कूलों, सामुदायिक भवनों, ग्राम पंचायत हॉल, संपर्क विद्यालयों तथा रिश्तेदारों के यहां सुरक्षित पहुंचाया गया है। विस्थापित लोगों के लिए भोजन, पेयजल, आश्रय एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।

जिला प्रशासन, राजस्व विभाग, पुलिस, अग्निशमन विभाग, एनडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, स्थानीय निकायों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के समन्वय से राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है तथा स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

अब तक जिले में कुल 54 स्थानों से 10,271 नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। विशेष रूप से जुन्नर, आंबेगांव, मुलशी, भोर, वेल्हा, मावल, हवेली तथा पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र में बड़े पैमाने पर एहतियाती कार्रवाई की गई है।

जुन्नर तहसील में व्यापक विस्थापन

माळीण क्षेत्र के पसारवाड़ी से 13 परिवारों के 36 लोगों को सरकारी आश्रमशाला असाणे में स्थानांतरित किया गया। वहीं कालवाड़ी क्रमांक-1 एवं कालवाड़ी क्रमांक-2 के लगभग 45 परिवारों के 225 लोगों को ग्राम पंचायत कार्यालय जांभोरी, आंगनवाड़ी, सामुदायिक भवन तथा रयत शिक्षण संस्था के विद्यालय सहित पांच सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। जांभोरी में विस्थापित लोगों के लिए सेंट्रल किचन के माध्यम से भोजन की व्यवस्था की गई है। पांचाळे खुर्द के 12 परिवारों के 35 लोगों तथा आमडे के 8 परिवारों के 22 लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

पिंपरी-चिंचवड़ में बड़े पैमाने पर राहत

इंद्रायणी नदी में आई बाढ़ के कारण सांगवी, पिंपरी, रहाटणी, चिखली, पिंपळे गुरव, कासारवाड़ी, दापोडी और चिंचवड़ सहित कई क्षेत्रों के हजारों लोगों को महानगरपालिका स्कूलों, सामुदायिक भवनों और राहत शिविरों में स्थानांतरित किया गया। लोणी काळभोर क्षेत्र के भावडी गांव के पांच परिवारों के लगभग 25 से 27 लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया।

जनहानि और नुकसान

अतिवृष्टि से जुड़ी घटनाओं में अब तक तीन लोगों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि दो लोग लापता हैं और उनकी तलाश जारी है। भोर तहसील के पान्हवळ क्षेत्र में एक बुजुर्ग के बह जाने की घटना सामने आई है। मावल तथा हवेली (लोणी काळभोर) क्षेत्र में भी मौतों की पुष्टि हुई है।

भारी बारिश और बाढ़ के कारण जिले में पांच बड़े पशुओं तथा लगभग 4,550 मुर्गियों की मृत्यु हुई है। जुन्नर, आंबेगांव, वेल्हा, मुलशी तथा पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र में कच्चे-पक्के मकानों, टिनशेड, गोशालाओं और मकानों की दीवारों को भारी नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर बिजली के खंभे गिरने, पेड़ मकानों पर गिरने, टिन की छतें उड़ने और दीवारें ढहने की घटनाएं हुई हैं। राजस्व विभाग द्वारा नुकसान का सर्वे एवं पंचनामा किया जा रहा है।

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें, प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें। बचाव एवं राहत कार्य युद्धस्तर पर लगातार जारी है।

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