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किसानों को बिना परेशानी के उनकी उपज का वाजिब मूल्य मिले, बिचौलियों को रोका जाए – कमिश्नर

किसानों को बिना परेशानी के उनकी उपज का वाजिब मूल्य मिले, बिचौलियों को रोका जाए – कमिश्नर

किसानों की आय दोगुनी करने के लिए उन्हें एआईएफ योजना अंतर्गत प्रोसेसिंग यूनिट लगाने हेतु प्रेरित किया जाए

सभी मंडी एवं उप मंडी की जमीन एवं भवन राजस्व अभिलेख में दर्ज हों

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान: रीवा मध्य प्रदेश 

 

रीवा. सभी किसान बिना परेशानी एवं कठिनाई के अपनी उपज बेच सकें। उन्हें अपनी उपज बेचने में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। सभी किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य मिले। किसानों के बीच सक्रिय बिचौलियों को प्रतिबंधित करें। छोटे व्यापारियों को भी प्राथमिकता से लाइसेंस प्रदान करें। उक्त निर्देश रीवा संभाग कमिश्नर शीलेंद्र सिंह ने बुधवार को कृषि उपज मंडी तथा कृषि विपणन बोर्ड के कार्यों की समीक्षा बैठक में सभी मंडी सचिवों को दिए। कमिश्नर ने कहा कि यदि किसानों को मंडी में उपज बेचने के लिए सभी सुविधाएं मिलेगी तो किसान समृद्ध होंगे। किसानों की स्थिति में सुधार होगा और कृषि उपज मंडी एवं उप मंडी को टैक्स की प्राप्ति होगी। इससे मंडियो की आय में भी बढ़ोतरी होगी।

कमिश्नर कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में कमिश्नर ने मंडी सचिवों से कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए किसानों को मंडी में हर प्रकार की सुविधा दें। जब किसान अपनी उपज लेकर मंडी में आए तो उसके प्रवेश करने, उपज तौलने एवं ट्रांजैक्शन के टाइम में अनावश्यक समय न लगे। ट्रांजैक्शन टाइम कम रहे। वर्तमान में किसानों को मंडी में 10 से 12 घंटे अपनी उपज बेचने में लग जाते हैं। इस स्थिति पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए कमिश्नर ने सभी मंडी सचिवों को निर्देश दिए कि ट्रांजैक्शन टाइम में व्यापक स्तर पर सुधार करें। किसानों को अनावश्यक रूप से मंडी में न बैठना पड़े। उनकी उपज की तुलाई कम समय में प्राथमिकता से करें। कमिश्नर ने इसके लिए सभी सुविधाएं बनाने के निर्देश मंडी सचिवों को दिए। कमिश्नर ने किसानों की आय दोगुनी करने के लिए उन्हें एआईएफ योजना के अंतर्गत विभिन्न प्रोसेसिंग यूनिट जैसे रेशम उत्पादन, शहद प्रसंस्करण, मशरूम की खेती, पौध संगरोध इकाईयां बनाने, बीज संग्रहण करने और अन्य यूनिट लगाने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने कहा कि एआईएफ योजना अंतर्गत किसान विभिन्न प्रोसेसिंग यूनिट लगाकर अपनी आय दुगुनी कर सकते हैं। उन्होंने एआईएफ योजना का किसानों के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिए सभी मंडी एवं उप मंडी में फ्लैक्स लगाने के निर्देश दिए। साथ ही सभी मंडी सचिवों को निर्देशित किया कि वह इस योजना का किसानों के बीच व्यापक प्रचार करना सुनिश्चित करें।

कमिश्नर ने सभी मंडी सचिवों को निर्देश दिए कि वह अपनी मंडी एवं उपमंडी की जमीन एवं भवन को प्राथमिकता से राजस्व अभिलेख में दर्ज कराना सुनिश्चित करें। कमिश्नर ने कहा कि यदि किसी मंडी प्रांगण में अतिक्रमण है तो सचिव मंडी एक्ट का उपयोग करते हुए प्राथमिकता से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही करें। चाकघाट मंडी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के संबंध में संतोंषजनक जवाब न देने पर कमिश्नर ने मंडी सचिव को कारण बताओ नोटिस देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मंडी सचिव इस अतिक्रमण को सात दिन में हटाएं। कमिश्नर ने संभागीय सचिव को भी निर्देश दिए कि वह जिन मंडियो में अतिक्रमण है वहां का सीमांकन कराते हुए अतिक्रमण को प्राथमिकता से हटाना सुनिश्चित करें।

 

कमिश्नर ने मंडियों में कार्यरत हम्माल एवं तुलावटियों की संख्या की जानकारी ली और सभी मंडी सचिव को निर्देश दिए कि वह हम्माल एवं तुलावटियों को अटल पेंशन योजना से जोड़ें एवं उन सभी से एक निश्चित अंशदान जमा कराकर उन्हें अटल पेंशन की पात्रता की श्रेणी में लाएं और उसका लाभ दिलाएं। उल्लेखनीय की अटल पेंशन योजना के अंतर्गत पात्र व्यक्ति निर्धारित अंशदान जमा कर 60 वर्ष की आयु के बाद अटल पेंशन के पात्र हो जाते हैं ।

 

कमिश्नर ने मंडी एवं उपमंडी प्रांगण में निर्माणाधीन कार्य की स्थिति की समीक्षा की एवं निर्देश दिए कि रीवा मंडी जो अभी ग्रेड सी में है उसे ग्रेड ए में लाने के लिए विशेष प्रयास करें। साथ ही अन्य कृषि उपज मंडी जो बी ग्रेड में हैं उन्हें भी ए ग्रेड में लाएं। कमिश्नर ने निर्देश दिए की सभी मंडी सचिव किसानों से सतत संपर्क में रहें और उनसे संवाद कर कृषि उपज मंडी में ही अपनी उपज बेचने के लिए प्रेरित करें। कमिश्नर ने मंडी कर्मचारियों को पर्याप्त प्रशिक्षण देने के भी निर्देश दिए और कहा कि ट्रांजैक्शन के अनुसार ही कृषि उपज मंडियो को टैक्स मिलेगा। इससे मंडियो का रख रखाव बेहतर तरीके से किया जा सकेगा। उन्होंने सभी मंडी सचिवों को इस पर विशेष ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए।

बैठक में कमिश्नर ने एमपी फार्म गेट एप की समीक्षा की। एमपी फॉर्म गेट एप के माध्यम से किसानों को घर बैठे अपनी उपज व्यापारियों को बेचने की सुविधा मिलती है और मध्यप्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है जिसने किसानों को यह सुविधा प्रदान की है कि वह अपने घर, खलिहान या गोदाम से सीधे व्यापारियों को अपनी उपज बेच सकते हैं। कमिश्नर ने संभागीय मंडी सचिव को निर्देश दिए कि समन्वय बनाकर किसानों की उपज बेचने की क्षमता का आकलन करें और व्यापारियों को उपज खरीदने के लिए प्रेरित करें। कमिश्नर ने मंडी समितियो में क्लीनिंग, ग्रेडिंग एवं पैकेजिंग के लिए स्थापित सुविधाओं की भी समीक्षा की। बताया गया कि क्लीनिंग एवं ग्रेडिंग प्लांट स्थापना के लिए कार्य किया जा रहा है। बैठक में संयुक्त आयुक्त (विकास) वीरेंद्र पटेल व दिव्या त्रिपाठी, संभागीय सचिव आनंद शर्मा, उप संचालक करुणेश शर्मा सहित रीवा संभाग के 11 कृषि उपज मंडी एवं उप मंडी के सचिव उपस्थित रहे।

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