
श्रावण को सेवा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का जनआंदोलन बनाएं: मुख्यमंत्री
प्रदेशवासियों से जल बचाने, पौधे लगाने और सामाजिक सहभागिता बढ़ाने का किया आह्वान
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान:लखनऊ उत्तर प्रदेश
लखनऊ। मुख्यमंत्री ने श्रावण माह के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए इसे लोकमंगल, श्रम-सम्मान और सामूहिकता का पावन पर्व बताया। उन्होंने कहा कि श्रावण केवल धार्मिक आस्था का महीना नहीं, बल्कि सेवा, स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन का भी संदेश देता है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि भगवान शिव प्रकृति और सहअस्तित्व के प्रतीक हैं। उनकी जटाओं में प्रवाहित गंगा, मस्तक पर सुशोभित चंद्रमा, कंठ का सर्प, नंदी और शिवगण प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि प्रकृति का संरक्षण ही मानव जीवन और आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा का आधार है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि श्रावण माह को जनभागीदारी का अभियान बनाते हुए सेवा, स्वच्छता, जल संरक्षण और पौधरोपण को जीवन का हिस्सा बनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक बूंद का संरक्षण और प्रत्येक पौधे की रक्षा ही श्रावण का वास्तविक संदेश है तथा यही समृद्ध, सुरक्षित और विकसित उत्तर प्रदेश की मजबूत आधारशिला बनेगा।

