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जिले में पिछले 24 घंटे में मूसलाधार बारिश, जिले भर के नदी-नाले उफान पर

जिले में पिछले 24 घंटे में मूसलाधार बारिश, जिले भर के नदी-नाले उफान पर

भारी बारिश से रीवा शहर के कई मोहल्लों और निचली बस्तियों में भरा पानी

कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक लगातार क्षेत्र का भ्रमण करके करा रहे राहत और बचाव कार्य 

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान रीवा मध्य प्रदेश 

 रीवा. रीवा जिले में पिछले 24 घंटे में मूसलाधार बारिश हुई है। पिछले 24 घंटे में 96.9 मिमी यानी लगभग 4 इंच वर्षा दर्ज की गई। मानसून की सक्रियता के चलते तहसील रायपुर कर्चुलियान, गुढ़ और त्योंथर में 120-120 मिमी वर्षा दर्ज की गई। वहीं तहसील मनगवां में 110, हुजूर में 105, सेमरिया में 85, सिरमौर में 70 और जवा में 45 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। जिले में अब तक 426.8 मिमी वर्षा दर्ज की जा चुकी है। लगातार भारी वर्षा के कारण जिले के नदी-नाले उफान पर हैं। बीहर, बिछिया, टमस और नैना नदी का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। भारी वर्षा के कारण रीवा शहर के कई मोहल्लों और निचली बस्तियों में पानी भर गया है। गुलाब नगर, मैदानी, समान मोहल्ला, चिरहुला कालोनी, निपनिया, बिछिया, खैरी बस्ती चोरहटा, बांसघाट, पुष्पराज नगर के निचले हिस्से, करहिया, विन्ध्य विहार कालोनी, पद्मधर कालोनी, नगर निगम वार्ड क्रमांक नौ अनंतपुर, रामनिरंजन नगर, नेहरू नगर, वार्ड क्रमांक 15, लखौरी बाग में जल भराव की स्थिति है। कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी तथा पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरूकरण सिंह सुबह से ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। उनके साथ-साथ होमगार्ड्स और नगर निगम की टीम भी दौरा कर रही है। जिला सेनानी होमगार्ड्स मीनाक्षी सिंह चौहान के नेतृत्व में जिले भर में होमगार्ड्स के 80 से अधिक जवान तैनात हैं। अब तक जिले में एसडीआरएफ और होमगार्ड्स के जवानों ने 136 लोगों को बाढ़ से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

 

 

कलेक्टर ने बताया कि 20 अगस्त को शाम तक जिले भर में चार हजार से अधिक लोगों का रेस्क्यू किया गया है। इनमें से लगभग तीन हजार लोग जिले भर में बनाए गए 27 बाढ़ राहत शिविरों में हैं। इन्हें नि:शुल्क भोजन, पानी और उपचार की सुविधा दी जा रही है। रीवा नगर निगम क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित 2200 से अधिक व्यक्तियों को राहत शिविरों में रखा गया है। इन्हें समुचित सुविधाएं देने के लिए नोडल अधिकारी तथा नगर निगम की टीम तैनात है। आयुक्त नगर निगम अक्षत जैन तथा उनकी टीम द्वारा लगातार जलभराव वाले क्षेत्रों का दौरा कर प्रभावितों को आश्रय स्थल तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। आयुक्त द्वारा प्रभावितों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था कराई गई। कलेक्टर ने बताया कि जिले भर में प्रशासन बाढ़ से राहत और बचाव के लिए मुस्तैद है। नदियों के जल स्तर में वृद्धि के कारण बाढ़ में फंसे लोगों का लगातार रेस्क्यू किया जा रहा है। कई गांवों में जेसीबी से मार्ग बनाकर जल निकासी कराई गई है। बीहर नदी में छोटी पुल में पानी आ जाने के कारण ढेकहा में ट्रैफिक रोक दिया गया है। वाहनों और व्यक्तियों का आना-जाना विक्रम पुल से हो रहा है। उत्कृष्ट कन्या छात्रावास निराला नगर में जल भराव को दूर किया गया। किशोर न्यायालय के पीछे वार्ड क्रमांक 15 में पिछड़ावर्ग बालक छात्रावास में जल भराव हो गया है। सुरक्षा को देखते हुए हास्टल खाली करा लिया गया है। निराला नगर में होमागार्ड तथा एसडीआरएफ की टीम ने पीड़ितों को जल भराव क्षेत्र से सुरक्षित निकाला। खैरी बस्ती से होमगार्ड की टीम ने 16 लोगों को सुरक्षित निकाला। इन सभी को राहत शिविरों में रखा गया है। सभी एसडीएम, तहसीलदार तथा जनपद के सीईओ पूरी तरह से मुस्तैद हैं। एसडीएम त्योंथर राकेश चौरसिया तथा तहसीलदार राजेश तिवारी द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का लगातार दौरा किया जा रहा है। त्योंथर में लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर त्योंथर-पचामा मार्ग बंद करा दिया गया है। वहाँ एसडीआरएफ का दल तैनात है। लगातार वर्षा के कारण त्योंथर क्षेत्र में भी बाढ़ का खतरा हो गया है। बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है।

बाढ़ के संबंध में कंट्रोल रूम द्वारा बताया गया कि तहसील सिरमौर में 301 लोगों को सुरक्षित शिविरों में रखा गया है। रायपुर कर्चुलियान में 35 लोगों को शिविर में रखा गया है। इनके ठहरने और भोजन की व्यवस्था की गई है। सेमरिया में तीन शिविरों में 72 लोगों को रखा गया है। सेमरिया में सहतरा तालाब के ओवरफ्लो से अतिरिक्त पानी निकाला जा रहा है। सेमरिया और बैकुण्ठपुर में शहरी क्षेत्रों में जल भराव को दूर करने के लिए नालियाँ बनवाई जा रही हैं। गुढ़ में वार्ड क्रमांक 14 में जल भराव के कारण आठ परिवारों को सुरक्षित स्थान में पहुंचाया गया है। इसी तरह कई गांवों में भी जल भराव की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन तत्परता से कार्यवाही कर रहा है। सुबह 8 बजे से वर्षा न होने के कारण नदियों के जल स्तर में कमी होने की संभावना है।

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