जिले में बारिश का दौर थमा नदी नालों का घटा जल स्तर – बाढ़ की स्थिति में हुआ सुधार
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान रीवा मध्य प्रदेश
रीवा . जिले में पिछले 24 घण्टों में वर्षा का दौर थम गया है। हुजूर तहसील को छोड़कर शेष सभी तहसीलों में छूट पुट वर्षा हुई है। जिले में 22 अगस्त को 20 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई। सर्वाधिक 76 मि.मी. वर्षा हुजूर तहसील में दर्ज की गई। रायपुर कर्चुलियान में 23 मि.मी. और गुढ़ में 18 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई। वर्षा का जोर घटते ही नदी नालों का जल स्तर घटने लगा है। बीहर नदी विक्रमपुल में 22 अगस्त को दोपहर 2 बजे 292.20 मीटर पर बह रही थी। यह खतरे के निशान से 1.70 मीटर नीचे है। टमस, बिछिया तथा महाना नदी के जल स्तर में भी गिरावट आयी है। इससे तराई क्षेत्र में बाढ़ का खतरा कम हो गया है। जिले में अब तक एक जून से अब तक 457.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई । इस अवधि में तहसील हुजूर में 499.3 मिमी, रायपुर कर्चुलियान में 490.3 मिमी, गुढ़ में 780 मिमी, सिरमौर में 427.4 मिमी, त्योंथर में 290 मिमी, सेमरिया में 394 मिमी, मनगवां में 339 मिमी और जवा में 438 मिमी वर्षा दर्ज की गई। गत वर्ष इसी अवधि में जिले में 681 मिमी औसत वर्षा दर्ज हुई थी। जिले की सिंचाई का प्रमुख स्त्रोत बाणसागर बांध में पिछले 48 घण्टों में इसके जलभराव क्षेत्र में हुई अच्छी वर्षा से जल स्तर में वृद्धि हुई है। बाणसागर का जल स्तर 22 अगस्त को दोपहर एक बजे 339.8 मीटर पर था इसमें अभी भी पानी की तेजी से आवक हो रही है। बांध का अधिकतम जल स्तर 341.64 मीटर है।
वर्षा का दौर कम होने से बाढ़ की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने सभी एसडीएम को जलभराव से हुई हानि का सर्वेक्षण करने के लिए दल तैनात करने के लिए निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कहा है कि जलभराव के कारण जहां जनहानि और पशु हानि हुई है उनके राहत प्रकरण तत्काल बनाकर पीड़ितों को राहत राशि वितरित करायें। जलभराव से घरों, घरेलू सामग्री तथा अन्य किसी तरह का नुकसान होने का भी सर्वे कर लें। सभी एसडीएम तथा तहसीलदार राहत शिविरों का नियमित रूप से दौरा करके पीड़ितों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करायें। कार्यपालन यंत्री लोकनिर्माण, क्षतिग्रस्त सड़को का सुधार का कार्य तत्काल शुरू करायें, आयुक्त नगर निगम शहर की सड़कों में आवश्यक सुधार करायें।


