
सीतामढ़ी में आकांक्षी जिला-प्रखंड कार्यक्रम की समीक्षा बैठक, डीडीसी ने की विभाग वार समीक्षा।
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान सीतामढ़ी बिहार
जिला समाहरणालय के सभागार में गुरुवार को आकांक्षी जिला कार्यक्रम और आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त सुश्री श्वेता भारती ने की।
बैठक में सिविल सर्जन डॉ. रवीन्द्र कुमार यादव, जिला योजना पदाधिकारी संतोष सुमन, शिक्षा, कृषि, आईसीडीएस, पशुपालन विभाग, कौशल विकास के जिला स्तरीय अधिकारी तथा बैरगनिया के प्रखंड विकास पदाधिकारी सुनील कुमार गौर मौजूद रहे। पूरी बैठक में तकनीकी सहयोग पीरामल फाउंडेशन की टीम द्वारा दिया गया।
नीति आयोग के सभी प्रमुख संकेतकों पर विभागवार समीक्षा करते हुए डीडीसी ने कहा कि आकांक्षी कार्यक्रम का उद्देश्य सबसे पिछड़े क्षेत्रों में विकास की गति तेज करना है। इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ सेचुरेशन मोड में काम करना होगा।
सिविल सर्जन डॉ. रवीन्द्र कुमार यादव ने संस्थागत प्रसव, टीकाकरण और प्रसव पूर्व जांच की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की।
(बैरगनिया पर विशेष नजर)
आकांक्षी प्रखंड बैरगनिया के BDO सुनील कुमार गौर ने प्रखंड की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। डीडीसी ने कहा कि बैरगनिया में स्वास्थ्य-पोषण, शिक्षा, कृषि-जल संसाधन, वित्तीय समावेशन और बुनियादी ढांचे के पांचों थीम पर विशेष अभियान चलाकर डेल्टा रैंकिंग में सुधार लाया जाए।
(अन्य विभागों को भी सख्त निर्देश)
– शिक्षा विभाग को स्कूलों में ड्रॉपआउट दर कम करने और लाइब्रेरी, बिजली, शौचालय जैसी सुविधाओं की रिपोर्ट अपडेट करने को कहा गया।
– कृषि विभाग को मृदा स्वास्थ्य कार्ड और कृषि क्रेडिट की गति बढ़ाने का निर्देश।
– ICDS को कुपोषित बच्चों की पहचान और पोषण ट्रैकर पर डाटा की गुणवत्ता सुधारने पर जोर देने को कहा गया।
जिला योजना पदाधिकारी संतोष सुमन ने कहा कि समय पर डाटा एंट्री नहीं होने से रैंकिंग प्रभावित होती है, इसलिए सभी विभाग प्रतिदिन पोर्टल अपडेट करें।
पीरामल फाउंडेशन की टीम ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि किन संकेतकों में जिला पीछे है और वहां सुधार की जरूरत है।
बैठक के अंत में डीडीसी श्वेता भारती ने सभी अधिकारियों को जल्द से जल्द के भीतर लंबित लक्ष्यों को पूरा करने का अल्टीमेटम दिया।



