प्रशासनइटावाउत्तर प्रदेश

जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करें, अपात्रों द्वारा योजनाओं का दुरुपयोग रोकने के लिए करें गहन जांच: जिलाधिकारी

जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करें, अपात्रों द्वारा योजनाओं का दुरुपयोग रोकने के लिए करें गहन जांच: जिलाधिकारी

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान इटावा उत्तर प्रदेश 

इटावा-जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न पेंशन योजनाओं, पारिवारिक लाभ योजना, शादी अनुदान, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना एवं बाल योजना अन्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी महोदय ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ समय से उपलब्ध कराया जाए तथा अपात्र व्यक्तियों द्वारा फर्जी अभिलेखों के आधार पर लाभ प्राप्त करने के प्रयासों पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए।

राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में नवीन स्वीकृति के लिए 1,056 आवेदन प्राप्त हुए हैं तथा जनपद में कुल 83,245 पेंशनर हैं। जिलाधिकारी महोदय ने निर्देश दिए कि पात्र वृद्धजनों को पेंशन का लाभ सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, आवेदन पत्रों एवं संलग्न अभिलेखों की समुचित जांच की जाए, जिससे फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कोई भी अपात्र व्यक्ति योजना का लाभ न प्राप्त कर सके।

राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के अंतर्गत लंबित भुगतान के लिए 224 आवेदन पत्रों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी महोदय ने संबंधित अधिकारियों से लंबित प्रकरणों के निस्तारण में आ रही समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन आवेदनों में सभी औपचारिकताएं पूर्ण हैं और लाभार्थी पात्र हैं, उनका भुगतान शीघ्र सुनिश्चित किया जाए। वहीं, जांच में अपात्र पाए जाने वाले आवेदनों को नियमानुसार अस्वीकृत किया जाए।

अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अत्याचार उत्पीड़न योजना के अंतर्गत भुगतान के लिए 89 प्रकरण लंबित पाए गए। जिलाधिकारी महोदय ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित प्रकरणों की जांच कर पात्र लाभार्थियों को नियमानुसार शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

सामान्य वर्ग शादी अनुदान योजना के अंतर्गत भुगतान के लिए 29 प्रकरण लंबित होने की जानकारी दी गई। इसी प्रकार, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत 1,016 प्रकरण लंबित पाए गए। जिलाधिकारी महोदय ने निर्देश दिए कि लंबित आवेदनों की पात्रता एवं अभिलेखों की जांच करते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए तथा पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना एवं बाल कल्याणकारी योजनाओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी महोदय ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रकरणों का पारदर्शितापूर्ण ढंग से सत्यापन किया जाए। योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा दुरुपयोग न होने पाए। पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित करने के साथ-साथ अपात्र व्यक्तियों के नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी महोदय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद एवं पात्र व्यक्तियों को लाभ पहुंचाना है। अतः सभी संबंधित अधिकारी लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करें तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित करें।

उक्त बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी संध्या रानी बघेल, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी प्रदीप तिवारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय कुमार सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button