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पुणे जिले से सूखे और हरे चारे की आवाजाही पर प्रतिबंध, जिलाधिकारी ने जारी किए आदेश

पुणे जिले से सूखे और हरे चारे की आवाजाही पर प्रतिबंध, जिलाधिकारी ने जारी किए आदेश

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान पुणे महाराष्ट्र 

पुणे, । जिले के आठ तालुकों में सूखे की स्थिति को देखते हुए पुणे जिले की सीमा से अन्य जिलों अथवा राज्य के बाहर सभी प्रकार के सूखे एवं हरे चारे की ढुलाई और बिक्री पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसमें कड़बा, कुट्टी और भूसा समेत अन्य प्रकार के चारे की आवाजाही भी शामिल है।

 

खरीफ सीजन 2026 को देखते हुए जिले में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। प्रशासन की ओर से पशुधन के लिए आवश्यक चारे की उपलब्धता बनाए रखने के लिए विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं।

 

जिले के भोर, वेल्हा, खेड, शिरूर, बारामती, इंदापुर, दौंड और पुरंदर इन आठ तालुकों में सूखे की स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाया है। आशंका है कि पुणे जिले में उत्पादित चारे को बड़े पैमाने पर अन्य जिलों और सीमावर्ती क्षेत्रों में बिक्री के लिए भेजा जा सकता है। ऐसी स्थिति में भविष्य में जिले में चारे की कमी पैदा होने और पशुधन के सामने संकट उत्पन्न होने की संभावना है।

 

इसी के साथ चारे की उपलब्धता को लेकर कानून एवं व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका को देखते हुए जिलाधिकारी तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष जितेंद्र डूडी ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं।

 

आदेश का उल्लंघन करने पर कार्रवाई

 

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को आदेश का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

 

हालांकि, सरकारी योजनाओं के अंतर्गत, पशुसंवर्धन विभाग अथवा जिला प्रशासन की ओर से अधिकृत एवं मंजूर चारा परिवहन को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।

 

यह प्रतिबंधात्मक आदेश अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को आदेश की तत्काल प्रभाव से कड़ाई से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का उद्देश्य जिले में पशुधन के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध रखना और संभावित चारा संकट को रोकना है।

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