
जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में वित्तीय समावेशन एवं संतृप्ति अभियान तथा एमएसएमई ऋण योजनाओं की समीक्षा बैठक सम्पन्न
बैंकों को सरकारी ऋण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित आवेदनों के शीघ्र निस्तारण एवं पात्र लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान इटावा उत्तर प्रदेश
इटावा-जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में वित्तीय समावेशन एवं शत-प्रतिशत संतृप्ति अभियान 2026-27 तथा एमएसएमई ऋण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न बैंकों के माध्यम से संचालित केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी ऋण योजनाओं की प्रगति, वार्षिक लक्ष्यों के सापेक्ष उपलब्धि, बैंकों को प्रेषित आवेदनों, ऋण वितरण, निरस्त एवं लंबित आवेदनों की बैंकवार समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय वित्तीय समावेशन एवं संतृप्ति अभियान 21 अक्टूबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक संचालित किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत एवं शहरी स्थानीय निकाय में वित्तीय समावेशन से संबंधित प्रमुख योजनाओं की शत-प्रतिशत संतृप्ति सुनिश्चित करने के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से पात्र व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने, बैंकिंग सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराने तथा ऋण सुविधाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना सभी बैंकों की जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी बैंक अभियान के सफल संचालन के लिए आवश्यक तैयारियां समय से पूर्ण कर लें तथा ग्राम पंचायतों एवं शहरी क्षेत्रों में आयोजित होने वाले शिविरों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। बैंक अधिकारी पात्र लाभार्थियों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें बैंकिंग सुविधाओं, ऋण प्रक्रियाओं एवं आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में भी मार्गदर्शन प्रदान करें। उन्होंने कहा कि बैंकिंग संवाददाताओं (CSP) के माध्यम से योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के अधिकाधिक पात्र नागरिक बीमा सुरक्षा से जुड़ सकें। इसके साथ ही आमजन को वित्तीय साक्षरता, सुरक्षित डिजिटल लेनदेन तथा साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने पर भी बल दिया गया।
बैठक में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण योजना (ओडीओपी), एक जनपद एक व्यंजन योजना (ओडीओसी) तथा मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की बैंकवार प्रगति की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान वार्षिक लक्ष्यों के सापेक्ष बैंकों को भेजे गए आवेदनों, स्वीकृत एवं वितरित ऋण, निरस्त प्रकरणों तथा विभिन्न बैंक शाखाओं में लंबित आवेदनों की स्थिति पर चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत जनपद का वार्षिक लक्ष्य 1,700 निर्धारित है। उपलब्ध समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार अब तक 574 आवेदन स्वीकृत एवं 574 ऋण वितरित किए गए हैं, जबकि विभिन्न बैंक शाखाओं में 366 आवेदन लंबित हैं। जिलाधिकारी महोदय ने योजना की प्रगति में तेजी लाने तथा पात्र आवेदकों को समयबद्ध तरीके से ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण योजना (ओडीओपी) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 42 का भौतिक लक्ष्य तथा ₹168 लाख का वित्तीय लक्ष्य निर्धारित किया गया है। समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार बैंकों को भेजे गए आवेदनों में 21 ऋण वितरित किए गए हैं, 51 आवेदन निरस्त किए गए हैं तथा 28 आवेदन लंबित हैं। जिलाधिकारी महोदय ने योजना के अंतर्गत पात्र उद्यमियों को ऋण उपलब्ध कराने तथा लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर उनका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹173 लाख का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार अब तक ₹75.66 लाख का ऋण वितरित किया जा चुका है। योजना के अंतर्गत बैंकों को भेजे गए 166 आवेदनों में से 29 पर ऋण वितरण किया गया है, 61 आवेदन निरस्त किए गए हैं तथा 76 आवेदन लंबित हैं। जिलाधिकारी महोदय ने संबंधित बैंक अधिकारियों को लंबित आवेदनों की समीक्षा कर पात्र लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराने तथा योजना के निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि सरकारी ऋण योजनाओं का उद्देश्य युवाओं, छोटे उद्यमियों एवं स्वरोजगार स्थापित करने के इच्छुक लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इन योजनाओं के अंतर्गत छोटे-छोटे ऋण भी लाभार्थियों के लिए रोजगार एवं आय के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए सभी बैंक सरकारी योजनाओं में विशेष रुचि लेते हुए पात्र आवेदकों के ऋण आवेदन समय से निस्तारित करें तथा अनावश्यक रूप से आवेदन लंबित न रखें।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि ऋण आवेदन निरस्त करते समय नियमानुसार स्पष्ट कारण दर्ज किए जाएं तथा दस्तावेजों की कमी या अन्य कमियों के कारण लंबित आवेदनों में आवेदकों को समय से जानकारी देकर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराई जाएं। बैंक शाखाएं लाभार्थियों के साथ समन्वय स्थापित कर ऋण स्वीकृति एवं वितरण की प्रक्रिया को सुगम बनाएं, जिससे योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र व्यक्तियों तक पहुंच सके।
जिलाधिकारी महोदय ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं बैंक प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि योजनाओं की नियमित समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित करें तथा वित्तीय समावेशन अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित कर अधिकाधिक पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं से लाभान्वित करें।
उक्त बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, उपायुक्त उद्योग आत्मदेव शर्मा एल0डी0एम सतीश कुमार, समस्त बैंक के प्रतिनिधि सहित संबंधित विभाग अधिकारीगण उपस्थिति रहे।
