पूणे

एनएसडीसी इंटरनेशनल ने सब-सहारा अफ्रीका में स्किल ईकोसिस्टम विकसित करने के लिए SASASNET के साथ साझेदारी की

एनएसडीसी इंटरनेशनल ने सब-सहारा अफ्रीका में स्किल ईकोसिस्टम विकसित करने के लिए SASASNET के साथ साझेदारी की

विशाल समाचार संवाददाता पुणे 

राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी एनएसडीसी इंटरनेशनल ने आज सब-सहारा अफ्रीकी देशों में स्किल ईकोसिस्टम विकसित करने के लिए सब-सहारा अफ्रीकन स्किल्स एंड अप्रेंटिसशिप स्टेकहोल्डर्स नेटवर्क के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

इस साझेदारी का उद्देश्य स्किल गैप को कम करना, वर्कफोर्स की मोबिलिटी को बढ़ावा देना, सहयोगात्मक पहल के माध्यम से क्षेत्र में आर्थिक विकास को बढ़ावा देना, नए सेक्टर स्किल काउंसिल (एसएससी) की स्थापना की सुविधा प्रदान करना और स्किल डेवलपमेन्ट स्ट्रेटेजी और लाईफलॉन्ग लर्निंग की पहल पर एनएसडीसी इंटरनेशनल की सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना है।

एनएसडीसी के सीईओ और एनएसडीसी इंटरनेशनल के एमडी माननीय श्री वेद मणि तिवारी और SASASNET के सेक्रेटरी जनरल माननीय उस्मान सिल्लाह के बीच समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया।

इंटरनेशनल लेबर ऑर्गनाइजेशन (आईएलओ) (स्किल पॉलिसी, सिस्टम और डिजिटाइजेशन) के ग्लोबल लीड डॉ. अश्वनी अग्रवाल, SASASNET के अध्यक्ष प्रो. इंद्रिस एम. बुगाजे, और एनएसडीसी के ग्रुप जनरल काउंसिल और एनएसडीसी इंटरनेशनल के सीओओ अजय रैना भी साझेदारी की घोषणा के दौरान उपस्थित थे।

इस अवसर पर बोलते हुए एनएसडीसी के सीईओ और एनएसडीसी इंटरनेशनल के एमडी श्री वेद मणि तिवारी ने कहा, “भारत और अफ्रीका के बीच सदियों पुराने समान ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध हैं जो कौशल विकास में विशेषज्ञता के आदान-प्रदान, अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने और सब-सहारा अफ्रीका में सस्टेनेबल ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए ग्राउंड तैयार करते हैं।

एनएसडीसी में, हम कुशल युवाओं की अगली पीढ़ी को विकसित करने के लिए लगातार स्मार्ट और डिजिटल ड्रिवेन टेक्नोलॉजीज को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और SASASNET के साथ हमारी साझेदारी कौशल अंतर को पाटने, इंडस्ट्री को बढ़ावा देने और युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने में गेम चेंजर साबित होगी। यह साझेदारी सामाजिक, आर्थिक विकास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देती है और सभी के लिए एक लचीले और समावेशी भविष्य का मार्ग प्रशस्त करती है।”

इस साझेदारी का उद्देश्य युवाओं के बीच जॉब रेडीनेस एंड एम्प्लॉयबिलिटी स्किल्स को बढ़ावा देने के लिए स्किल हार्मोनाइजेशन और क्वालिफिकेशन की बेंचमार्किंग, क्वालिटी स्टैंडर्डाइजेशन, टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट को बढ़ाना और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है।

फ्यूचर ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए, सब-सहारा अफ्रीका में टेक्निकल एंड वोकेशनल एजुकेशल एंड ट्रेनिंग (टीवीईटी) सिस्टम को डिजिटल बनाने के लिए सहयोगात्मक प्रयास किए जाएंगे ताकि युवाओं के लिए शीर्ष स्तरीय एजुकेशनल संसाधनों तक पहुंच के रास्ते खुल सकें, रिमोट असेसमेन्ट और सर्टिफिकेशन सक्षम हो सकें और उद्यमिता, इनोवेशन और लाईफलॉन्ग लर्निंग की संस्कृति को बढ़ावा मिल सके।

इस अवसर पर बोलते हुए, SASASNET के अध्यक्ष प्रो. इंद्रिस एम. बुगाजे ने कहा, “यह अफ्रीका के लिए आपसी लाभ हेतु इंडियन सब-कॉन्टिनेंट के समान स्किल डेवलपमेंट बॉडी के साथ सहयोग करने का एक शानदार अवसर है।”

आईएलओ (स्किल पॉलिसीसिस्टम और डिजिटाइजेशन) के ग्लोबल लीड डॉ. अश्वनी अग्रवाल ने कहा, “यह एमओयू भारत और अफ्रीका के साझा विज़न का एक प्रमाण है, जो एक ऐसे भविष्य के लिए प्लेटफॉर्म तैयार करता है जहां हर कोई प्रोफेशनल एक्सीलेंस हासिल करने में शामिल है। यह साझेदारी स्किल गैप को पाटने, सांस्कृतिक समझ बढ़ाने और लाखों लोगों के लिए नए अवसर पैदा करने, उन्हें वैश्विक अर्थव्यवस्था में आगे बढ़ने के लिए सशक्त बनाती है। इंटरनेशनल लेबर ऑर्गनाइजेशन (आईएलओ) साझेदारी को मजबूत करने की सुविधा जारी रखेगा और डिसेंट वर्क और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने वाली नीतियों और कार्यक्रमों को विकसित करने के लिए टेक्निकल सपोर्ट और विशेषज्ञता प्रदान करेगा।”

मोबिलिटी को सुव्यवस्थित और तेज करने के लिए, इस साझेदारी में इंडस्ट्री और एकेडमिया के बीच इंटरफेस को मजबूत करने के लिए सेक्टर स्पेसिफिक स्किल्स की मैपिंग और सेक्टरों में कुशल कार्यबल की मांग का आकलन करने की परिकल्पना की गई है।

इसके अलावा, एनएसडीसी इंटरनेशनल सदस्य देशों में डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से टीवीईटी सिस्टम को बढ़ाने के लिए SASASNET के साथ स्किल इंडिया डिजिटल हब (सिद्ध) और अन्य डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) के विकास से सीखी गई बेस्ट प्रैक्टिसेज और लेसन को साझा करेगा।

इसके अलावा, डेलीगेट्स ने चर्चा की कि कैसे सेक्टर स्किल काउंसिल (एसएससी) ने कंप्टेंसी बेस्ड स्टैंडर्ड को विकसित करने, स्टैंडर्डाइज स्किल सर्टिफिकेशन प्रोसेस और कुशल कार्यबल की मांग को पूरा करने के लिए इंडस्ट्री कोलैबोरेशन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इसके साथ, सदस्य देशों में सेक्टर स्किल काउंसिल (एसएससी) की स्थापना से युवाओं के लिए नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के अनुरूप इंडस्ट्री एक्सपोजर के साथ एकेडमिक नॉलेज प्राप्त करने के रास्ते खुलेंगे।

मल्टीफेसटेड अप्रोच इनोवेटिव टेक्नोलॉजीज का लाभ उठाता है, रिकॉग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग की एक मजबूत पहचान (आरपीएल) फ्रेमवर्क की स्थापना करता है, और युवाओं के लिए “अर्न व्हाइल यू लर्न” मॉडल को बढ़ावा देता है, जिससे स्कूल से रोजगार तक उनके सहज ट्रांजिशन की सुविधा मिलती है।

यह कोलैबोरेशन युवाओं को इंडस्ट्री से संबंधित कौशल से सुसज्जित करने के अनुरूप उभरती कौशल आवश्यकताओं, उभरते ट्रेंड्स और जॉब रोल्स को समझने के लिए इंडस्ट्री से जुड़ाव को मजबूत करने पर केंद्रित है।

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