संपादकीय
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समता, संविधान और हमारी जिम्मेदारी
समता, संविधान और हमारी जिम्मेदारी :— देवेन्द्र सिंह तोमर, संपादक आज अंबेडकर जयंती के पावन अवसर पर पूरा राष्ट्र…
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इटावा: जवाबदेही से भागता प्रशासन या सच से डरता सिस्टम?
इटावा: जवाबदेही से भागता प्रशासन या सच से डरता सिस्टम? संपादकीय..!. इटावा में प्रशासनिक व्यवस्था पर एक साथ दो…
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मंच से न्याय नहीं, आवेदन की मांग
मंच से न्याय नहीं, आवेदन की मांग कौशांबी के सरस महोत्सव में घटी एक घटना ने सत्ता और संवेदनशीलता के…
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यूजीसी कानून: सवर्णों की जी-जान का जंजाल भी, शिक्षा का सर्वनाश भी
यूजीसी कानून: सवर्णों की जी-जान का जंजाल भी, शिक्षा का सर्वनाश भी यूजीसी द्वारा लाया गया नया कानून शिक्षा सुधार…
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कुंभ से माघ मेले तक: सत्ता बनाम संत या संत बनाम व्यवस्था? — यूपी में क्या बदल रहा है “सनातन” का अर्थ
कुंभ से माघ मेले तक: सत्ता बनाम संत या संत बनाम व्यवस्था? — यूपी में क्या बदल रहा है “सनातन”…
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मुंबई चुनाव और राजनीतिक संकेत
मुंबई चुनाव और राजनीतिक संकेत बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव न केवल शहर के प्रशासन और नागरिक जीवन को प्रभावित करेगा, बल्कि…
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200 करोड़ का नया भाजपा कार्यालय… जनता पूछ रही है—यह धन आया कहाँ से?
200 करोड़ का नया भाजपा कार्यालय… जनता पूछ रही है—यह धन आया कहाँ से? लखनऊ में भाजपा का नया…
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जब अफसर खुदकुशी करने लगें — व्यवस्था पर सवाल जरूरी हैं
📰 संपादकीय: जब अफसर खुदकुशी करने लगें — व्यवस्था पर सवाल जरूरी हैं Reported by Vishal Sharmachar Web Desk देश…
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“पराली रोकना जुर्माना नहीं, समाधान और विकल्प से संभव”
“पराली रोकना जुर्माना नहीं, समाधान और विकल्प से संभव” जिलाधिकारी की चौपाल और प्रशासनिक पहल सराहनीय, लेकिन छोटे किसानों के…
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पराली का धुआँ—किसान की मजबूरी या प्रशासन की नाकामी?”
“पराली का धुआँ—किसान की मजबूरी या प्रशासन की नाकामी?” इटावा में पराली प्रबंधन को लेकर प्रशासन ने कड़े निर्देश…
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