
पुण्यातील वाहतूक कोंडीवर राजीव गांधी स्मारक समितीची मागणी
पुणे, पुणे मनपा के नव नियुक्त आयुक्त श्री नवलकिशोर राम को आज “राजीव गांधी स्मारक समिति” की ओर से शुभकामनाएँ दी गईं। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष, कांग्रेस नेता गोपालदादा तिवारी के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने शहर की ज्वलंत समस्याओं – ट्रैफिक जाम, स्वास्थ्य सेवाएँ और प्रशासनिक काल के ऑडिट रिपोर्ट – पर माँगों का ज्ञापन सौंपा।
शिष्टमंडल में लीगल सेल के एड. फैयाज शेख, एड. श्रीकांत पाटिल, धनंजय भिलारे, गणेश शिंदे, संजय अभंग, गणेश मोरे, योगेश भोकरे, आशीष गुंजाळ आदि उपस्थित रहे। आयुक्त को तिरंगा उपरणा और छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया गया।
ज्ञापन में कहा गया है कि पुणे की ट्रैफिक समस्या का समाधान केवल ट्रैफिक प्लानिंग में नहीं, बल्कि नियंत्रित और मर्यादित निर्माण योजना में है। जब तक शहर में सुचारू यातायात और पर्याप्त विजिटर्स पार्किंग स्पेस उपलब्ध नहीं होती, तब तक अतिरिक्त एफएसआई (चटाई क्षेत्र) की मंजूरी स्थगित या नियंत्रित की जाए। मेट्रो के आगमन के बाद भी डीपी (विकास आराखड़ा) और टीपी (टाउन प्लानिंग) में आवश्यक नीतिगत बदलाव समय पर नहीं हुए, जिससे पुणे ट्रैफिक जाम में फँस गया है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि पुराने संकरे रास्तों पर २०-३० मंजिला इमारतों को बिना पर्याप्त ट्रैफिक सुविधा के अनुमति दी जा रही है, जिससे सड़कों पर अत्यधिक दबाव बढ़ गया है। मेट्रो स्टेशनों के पास पर्याप्त टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर पार्किंग व्यवस्था की आवश्यकता थी, जो अब तक नहीं हो पाई है।
समिति ने माँग की है कि जब तक आवश्यक चौड़े रास्ते और पार्किंग की व्यवस्था नहीं होती, तब तक अतिरिक्त एफएसआई की मंजूरी पर रोक लगाई जाए, जिससे पुणेकरों को रोजमर्रा की जानलेवा ट्रैफिक से राहत मिले। साथ ही, मनपा के रिटायर्ड कर्मचारियों को ७वें वेतन आयोग का बकाया तुरंत देने और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की भी माँग की गई है।
पुणे की ट्रैफिक समस्या देश और दुनिया में गंभीर है – टॉमटॉम ट्रैफिक रिपोर्ट के अनुसार, पुणे ट्रैफिक जाम में भारत में तीसरे और दुनिया में चौथे स्थान पर है। मुख्य कारणों में संकरे रास्ते, अनियंत्रित निर्माण, पार्किंग की कमी और निजी वाहनों की बढ़ती संख्या शामिल हैं।
समिति ने प्रशासन से अपील की है कि नीतिगत बदलाव कर पुणे के संतुलित और टिकाऊ विकास को प्राथमिकता दी जाए।


