
बार्टी द्वारा माता रमाई पर शोधग्रंथ शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा:— महासंचालक सुनील वारे
रिपोर्ट:विशाल समाचार संवाददाता
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
दिनांक:11 फरवरी 2026
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के सामाजिक संघर्ष में माता रमाई का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी दृढ़ता से बाबासाहेब का साथ दिया। बाबासाहेब के विदेश प्रवास के दौरान परिवार की संपूर्ण जिम्मेदारी संभालते हुए रमाई ने त्याग, धैर्य और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके इसी अमूल्य सहयोग के कारण डॉ. आंबेडकर अपने महान कार्यों को पूर्ण कर सके।
यह विचार बार्टी (डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान) के महासंचालक सुनील वारे ने रमाई जयंती महोत्सव में प्रमुख अतिथि के रूप में व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि बार्टी संस्थान द्वारा माता रमाई के संघर्षपूर्ण जीवन के विभिन्न आयामों पर गहन शोध कार्य जारी है और शीघ्र ही इस विषय पर एक विस्तृत शोधग्रंथ प्रकाशित किया जाएगा।
महामाता रमामाई भीमराव आंबेडकर राष्ट्रीय स्मारक, पुणे में 1 फरवरी से 7 फरवरी 2026 तक रमाई महोत्सव का आयोजन संयोजक विठ्ठल गायकवाड के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर महासंचालक सुनील वारे का रमाई ग्रंथ एवं पंचशील की शाल भेंट कर सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक दीपक पायगुडे, राज्य साहित्य संस्कृति मंडल के अध्यक्ष डॉ. सदानंद मोरे, पूर्व नगरसेविका लताताई राजगुरू, रमाई महोत्सव के अध्यक्ष प्रमोद आडकर, सचिन इटकर, मानसीताई वानखेड़े, बार्टी की रजनी वाघमारे, विनायक भालेराव, शीतल बंडगर, वैशाली खांडेकर सहित विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्ति तथा बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं ने सहभागिता की।
रमाई जयंती महोत्सव के दौरान 1 से 7 फरवरी 2026 तक बार्टी संस्थान की ओर से डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और अन्य महापुरुषों के मूल्यवान ग्रंथ अनुयायियों को निःशुल्क वितरित किए गए। साथ ही ‘समतादूत’ द्वारा संस्थान की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई।

बार्टी मुख्यालय में महासंचालक के हस्ते माता रमाई, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा तथा रमाई की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।
इसके अतिरिक्त, रत्नागिरी जिले के दापोली तालुका स्थित माता रमाई के जन्मस्थान वनंद में भी बार्टी संस्थान की ओर से विस्तार एवं सेवा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. बबन जोगदंड की उपस्थिति में अभिवादन एवं जागरूकता कार्यक्रम उत्साहपूर्वक आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से माता रमाई के त्यागमय जीवन और उनके प्रेरणादायी व्यक्तित्व को व्यापक समाज तक पहुंचाने का संकल्प व्यक्त किया गया।

