
“आदेश सामान्य पत्रकारों के लिए नहीं, पोर्टल चलाने वाले कुछ लोगों के लिए था” — एसएसपी अविनाश पांडेय
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान:मेरठ उत्तर प्रदेश
मेरठ। थाने के भीतर वीडियोग्राफी को लेकर वायरल ऑडियो प्रकरण में विवाद बढ़ने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय को सामने आकर स्पष्टीकरण देना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह आदेश सामान्य पत्रकारों के लिए नहीं था, बल्कि “पोर्टल चलाने वाले कुछ लोगों” के संदर्भ में दिया गया था।
दरअसल, ब्रह्मपुरी सर्किल की सीओ सौम्या अस्थाना का 29 सेकंड का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें थाने के अंदर वीडियोग्राफी करने पर मुकदमा दर्ज करने के निर्देश सुनाई दे रहे हैं। मामला टीपीनगर थाना क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है।
ऑडियो सामने आने के बाद मीडियाकर्मियों में नाराज़गी देखी गई और इसे प्रेस की स्वतंत्रता से जोड़कर सवाल उठाए गए। कई पत्रकारों का कहना है कि यदि थाने में कवरेज पर इस तरह की मौखिक सख्ती की जाती है तो इससे पारदर्शिता पर असर पड़ सकता है। वहीं पुलिस सूत्रों का तर्क है कि बिना अनुमति रिकॉर्डिंग से कभी-कभी सरकारी कार्य प्रभावित होता है, इसलिए अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से निर्देश दिए जाते हैं।
एसएसपी ने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न होने की स्थिति में ही कानूनी कार्रवाई की बात कही गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि नियमित रूप से कार्य कर रहे मान्यता प्राप्त पत्रकारों को लेकर कोई प्रतिबंधात्मक आदेश नहीं है।
फिलहाल प्रकरण को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। पुलिस प्रशासन की ओर से विस्तृत लिखित दिशा-निर्देश जारी किए जाने की संभावना जताई जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति से बचा जा सके।

