
कम उम्र में चेहरे पर घने बाल हो सकते हैं हार्मोनल बीमारी का संकेत
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान : नई दिल्ली
नई दिल्ली। किशोरावस्था में कुछ लड़कियों के चेहरे पर असामान्य रूप से तेजी से बाल उगने लगते हैं, जिसे अक्सर सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह केवल सौंदर्य से जुड़ी समस्या नहीं, बल्कि हार्मोनल गड़बड़ी का संकेत भी हो सकता है। हाल ही में एक युवती ने बताया कि उसे मात्र 13 वर्ष की उम्र से चेहरे पर तेजी से बाल उगने लगे। समय के साथ स्थिति इतनी बढ़ गई कि उसे दिन में दो बार शेविंग करनी पड़ती है और हर सप्ताह वैक्सिंग करानी पड़ती है।
डॉक्टरों की जांच में सामने आया कि वह हिर्सुटिज्म (Hirsutism) नामक समस्या से पीड़ित है। यह एक हार्मोनल स्थिति होती है, जिसमें महिलाओं के शरीर में पुरुष हार्मोन एंड्रोजन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे चेहरे, ठोड़ी, ऊपरी होंठ और शरीर के अन्य हिस्सों पर घने बाल उगने लगते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार इस समस्या के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें हार्मोनल असंतुलन, पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS), थायरॉइड की गड़बड़ी, एड्रिनल ग्रंथि से जुड़ी समस्याएं और कुछ दवाइयों के दुष्प्रभाव शामिल हैं। इसलिए यदि किशोरावस्था में अचानक बालों की वृद्धि अधिक हो जाए तो समय पर चिकित्सकीय जांच कराना बेहद जरूरी है।
डॉक्टरों का कहना है कि चेहरे पर अत्यधिक बाल होने से कई किशोरियों और महिलाओं को मानसिक व सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इससे आत्मविश्वास में कमी, सामाजिक झिझक, तनाव और कभी-कभी अवसाद जैसी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में परिवार और समाज का सहयोग बहुत महत्वपूर्ण होता है।
इलाज के तौर पर डॉक्टर हार्मोन प्रोफाइल जांच, विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार दवाइयों से हार्मोन संतुलन, लेजर हेयर रिमूवल और संतुलित आहार व नियमित व्यायाम की सलाह देते हैं। उचित उपचार और समय पर पहचान से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि चेहरे पर असामान्य रूप से अधिक बाल आना शर्म की बात नहीं है, बल्कि यह एक चिकित्सीय स्थिति हो सकती है। इसलिए ऐसी समस्या होने पर बिना झिझक स्त्री रोग विशेषज्ञ या एंडोक्राइनोलॉजिस्ट से सलाह लेना जरूरी है।


