
‘मन के मोती’ कविता संग्रह का विमोचन, ग्रामीण महिला जीवन की संवेदनाओं को मिली सशक्त अभिव्यक्ति
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान: पुणे महाराष्ट्र
पुणे। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त तेजस्वी सातपुते ने कहा कि कवयित्री शोभाताई हांगे की कविताएं ग्रामीण महिलाओं के जीवन का यथार्थ चित्र प्रस्तुत करते हुए भी सकारात्मक सोच और संघर्ष की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि बिना किसी दिखावे के मन की भावनाओं को पूरी ईमानदारी से शब्द देना ही उनकी कविताओं की सबसे बड़ी विशेषता है। वह पत्रकार भवन, नवपेठ में आयोजित शोभाताई हांगे के कविता संग्रह ‘मन के मोती’ के विमोचन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रही थीं।
कार्यक्रम में कवयित्री शोभाताई हांगे, कवयित्री लीनता माडगूळकर आंबेकर, समाजसेविका सारिका भरणे, पुणे जिला परिषद की महिला एवं बाल कल्याण सभापति अंकिता पाटील तथा प्रख्यात वक्ता प्रो. गणेश शिंदे सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। शोभाताई हांगे ने कहा कि यह पुस्तक केवल कविता संग्रह नहीं, बल्कि उनके जीवन संघर्ष का आईना है। ग्रामीण महिलाओं को अपनी पीड़ा व्यक्त करने का अवसर कम मिलता है, इसलिए उन्होंने अपने अनुभवों और दर्द को कविताओं के माध्यम से शब्द दिए। वक्ताओं ने कहा कि यह संग्रह ग्रामीण महिलाओं के संघर्ष, मातृत्व, पारिवारिक मूल्यों और रिश्तों की संवेदनाओं को सशक्त रूप से अभिव्यक्त करता है तथा समाज को सकारात्मक संदेश देता है।


