प्रशासनमध्य प्रदेशरीवा

कार्य को बेहतर करने के लिए प्रशासनिक इकाईयों का पुनर्गठन आवश्यक है – कमिश्नर

कार्य को बेहतर करने के लिए प्रशासनिक इकाईयों का पुनर्गठन आवश्यक है – कमिश्नर

प्रशासनिक पुनर्गठन के संबंध में तार्किक और व्यावहारिक सुझाव दें – सचिव श्री सिंह

रिपोर्ट :विशाल समाचार

स्थान:रीवा मध्य प्रदेश

रीवा. मध्यप्रदेश राज्य प्रशासनिक पुनर्गठन आयोग द्वारा कमिश्नर सभागार में आयोजित बैठक में प्रशासनिक इकाईयों के पुनर्गठन के संबंध में सुझाव लिए गए। बैठक में कमिश्नर बीएस जामोद ने कहा कि समय के साथ प्रशासनिक कार्यों की प्रकृति में परिवर्तन हो रहा है। कार्य को बेहतर करने के लिए प्रशासनिक इकाईयों का पुनर्गठन आवश्यक है। कई विभागों के सेटअप में पुराने पदों को समाप्त करने तथा वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप नवीन पदों के सृजन की जरूरत है। स्वीकृत पदों के लंबे समय से रिक्त रहने के कारण भी विभागीय कार्यों में विपरीत असर पड़ रहा है। आमजनता को भी इससे परेशानी होती है। प्रशासनिक व्यवस्था की कठिनाईयों के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ मैदानी अधिकारियों और कर्मचारियों के सुझाव शामिल करें।

 

बैठक में राज्य पुनर्गठन आयोग के सचिव श्री अक्षय सिंह ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रशासनिक इकाईयों तथा विभागों के पुनर्गठन के संबंध में आयोग सुझाव ले रहा है। इन सुझावों के आधार पर ही शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। सभी अधिकारी और कर्मचारी प्रशासनिक व्यवस्थाओं और कठिनाईयों के संबंध में तार्किक तथा व्यावहारिक सुझाव दें। नवीन पदों के सृजन के संबंध में कारण सहित पूरा विवरण दें। सुझाव प्राप्त करने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर अधिकारियों और कर्मचारियों को शामिल किया गया है। इसमें उपयोगी सुझाव दें।

 

बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने राज्य पुनर्गठन आयोग को कई सुझाव दिए। बैठक में छात्रावासों में नियमित रसोईया और चौकीदार की तैनाती, रिक्त पदों की पूर्ति, विकासखण्ड और तहसील स्तर के सभी कार्यालयों में आवश्यक संसाधन तथा अधिकारी और कर्मचारी की पदस्थापना के सुझाव दिए गए। बैठक में कर्मचारियों के स्वत्वों के भुगतान, अवकाश, आवास व्यवस्था, क्षेत्र में भ्रमण के लिए वाहन व्यवस्था, आधुनिक सूचना और संचार तकनीक का विभागीय कार्यों में उपयोग करने के लिए प्रिशिक्षित नियमित कर्मचारी तथा आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता का भी सुझाव दिया गया। बैठक में अधिकारियों और कर्मचारियों के नियमित अंतराल से विभागीय प्रशिक्षण का भी सुझाव दिया गया। बैठक में डिप्टी कलेक्टर सुधीर बेक ने न्यायालयीन प्रकरणों की दावा-आपत्ति तैयार करने के लिए संभाग स्तर पर शासकीय अधिवक्ता की नियुक्ति का सुझाव दिया। बैठक में संयुक्त आयुक्त सुदेश मालवीय, संयुक्त आयुक्त दिव्या त्रिपाठी, सहायक संचालक कृषि प्रीति द्विवेदी, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास नयन सिंह, जिला संयोजक जनजातीय कार्य केके पाण्डेय तथा अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उपयोगी सुझाव दिए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button