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लाड़ली लक्ष्मी दिवस पर जिले में रहा उत्साह का वातावरण 2400 केंद्रों पर आयोजित हुआ ‘लाड़ली उत्सव’

लाड़ली लक्ष्मी दिवस पर जिले में रहा उत्साह का वातावरण 2400 केंद्रों पर आयोजित हुआ ‘लाड़ली उत्सव’

रिपोर्ट: विशाल समाचार 

स्थान: रीवा मध्य प्रदेश 

रीवा . शासन के निर्देशानुसार ‘लाड़ली लक्ष्मी दिवस’ के उपलक्ष्य में जिले भर में ‘लाड़ली उत्सव’ का गरिमामय आयोजन किया गया। जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम वन स्टॉप सेंटर रीवा में संपन्न हुआ। जिले के लिए गौरव का विषय रहा कि जिला मुख्यालय के साथ-साथ समस्त परियोजना मुख्यालयों, सेक्टर मुख्यालयों और जिले के सभी 2400 आंगनवाड़ी केंद्रों पर एक साथ यह उत्सव मनाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में बालिकाओं और उनकी माताओं ने सहभागिता की।

 

वन स्टॉप सेंटर में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष श्रीमती मीनाक्षी मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री नयन सिंह ने की। इस अवसर पर बाल संप्रेक्षण गृह की अधीक्षिका श्रीमती अर्चना पचौरी, वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक श्रीमती श्रुति मिश्रा और सेक्टर पर्यवेक्षक श्रीमती प्रभा शुक्ला, श्री सुमित सिंह, अहिंसा वेलफेयर सोसायटी रीवा की भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मंच पर उपस्थित रहीं। अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया और लाड़ली लक्ष्मी योजना को प्रदेश की बालिकाओं के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली योजना बताया।

 

कार्यक्रम के दौरान लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत नई लाभान्वित बालिकाओं को मंच पर आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। समारोह में लगभग 40 से 50 बालिकाओं को आधिकारिक प्रमाण पत्र, स्वच्छता किट और पुष्प माला भेंट की गई। विभाग द्वारा उपस्थित बालिकाओं और उनकी माताओं को योजना के लाभों, शिक्षा के महत्व और स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने जोर दिया कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना ही इस उत्सव का मूल उद्देश्य है।

 

उत्सव का एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील पहलू पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा रहा। समस्त अतिथियों के उद्बोधन के उपरांत “एक पेड़ लाड़ली लक्ष्मी के नाम” अभियान के तहत वन स्टॉप सेंटर परिसर में वृक्षारोपण किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लाड़ली बालिकाओं ने अपने हाथों से पौधों को रोपित किया और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। यह गतिविधि बेटियों और प्रकृति के बीच एक सुंदर जुड़ाव को प्रदर्शित करने के लिए आयोजित की गई थी।

 

पूरे कार्यक्रम में आम नागरिकों, लाभार्थी किशोरियों और महिलाओं ने उपस्थित रहकर आयोजन को सफल बनाया। जिले भर के 2400 आंगनवाड़ी केंद्रों पर भी इसी प्रकार से सम्मान और संवाद के कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिससे जिला स्तर से लेकर ग्रामीण स्तर तक लाड़ली लक्ष्मी दिवस की गूं

ज सुनाई दी।

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