चुनावी प्रचार की विज्ञापन सामग्री का पूर्व प्रमाणीकरण अनिवार्य – जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान: पुणे महाराष्ट्र
पुणे,: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिला स्तरीय मीडिया प्रमाणीकरण एवं निगरानी समिति (एमसीएमसी) का गठन किया गया है। बारामती विधानसभा उपचुनाव के मद्देनजर चुनाव प्रचार से संबंधित सभी विज्ञापनों का पूर्व प्रमाणीकरण इस समिति से कराना अनिवार्य है। यह जानकारी जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी तथा समिति के अध्यक्ष जितेंद्र डुडी ने दी।
उन्होंने बताया कि उम्मीदवारों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया, एलईडी वैन, ऑटो रिक्शा सहित अन्य बाह्य माध्यमों पर प्रसारित की जाने वाली ऑडियो एवं ऑडियो-विजुअल विज्ञापनों का पूर्व प्रमाणीकरण आवश्यक है। वहीं प्रिंट मीडिया में मतदान के दिन या उससे एक दिन पहले प्रकाशित होने वाले विज्ञापनों के लिए भी पूर्व अनुमति अनिवार्य है।
मीडिया प्रमाणीकरण एवं निगरानी समिति का कार्यालय जिला सूचना कार्यालय, नवीन केंद्रीय भवन, भूतल, ससून अस्पताल के सामने, पुणे-411001 में संचालित होगा। इसका दूरभाष नंबर 020-26121307 है।
समिति के कार्य:
टीवी चैनल, रेडियो, एफएम, सिनेमा हॉल, सोशल मीडिया, एसएमएस, रिकॉर्डेड वॉइस कॉल (ओबीडी), ई-पेपर विज्ञापन तथा सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित ऑडियो-विजुअल सामग्री के प्रसारण से पहले प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य है। इसके लिए उम्मीदवार या उनके प्रतिनिधि को निर्धारित प्रारूप में आवेदन दो प्रतियों में प्रस्तुत करना होगा। आवेदन के साथ सीडी/पेनड्राइव तथा विज्ञापन की लिखित स्क्रिप्ट भी जमा करनी होगी।
प्रत्येक विज्ञापन अलग-अलग होना चाहिए और एक ही सीडी या पेनड्राइव में एक से अधिक विज्ञापन शामिल नहीं होने चाहिए। आवेदन में आवेदक का नाम, पता, संबंधित उम्मीदवार एवं पार्टी का नाम, विज्ञापन का माध्यम, शीर्षक, लागत एवं भाषा का स्पष्ट उल्लेख जरूरी है।
यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि विज्ञापन की सामग्री आपत्तिजनक, भड़काऊ, सांप्रदायिक या किसी की छवि खराब करने वाली न हो और न ही देशविरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली हो। समिति द्वारा पेड न्यूज पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
जिला सूचना कार्यालय में मीडिया सेल सक्रिय
बारामती विधानसभा उपचुनाव के संदर्भ में जिला सूचना कार्यालय, नवीन प्रशासनिक भवन, भूतल, पुणे में मीडिया सेल स्थापित किया गया है। इसी कार्यालय से चुनाव संबंधी सूचनाएं मीडिया को उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया की निगरानी भी की जा रही है।



