पशुपालकों के लिए सुनहरा मौका: ‘पशुसंवर्धन किसान क्रेडिट कार्ड’ से 3 लाख तक आर्थिक सहायता
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान:पुणे, महाराष्ट्र
पुणे,। राज्य में पशुपालन, बकरी-भेड़ पालन, कुक्कुट पालन और सूअर पालन करने वाले किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से पशुसंवर्धन विभाग द्वारा ‘पशुसंवर्धन किसान क्रेडिट कार्ड’ (केसीसी) योजना लागू की जा रही है। इस योजना के तहत पशुपालकों को पशुधन की देखभाल और दैनिक खर्चों के लिए आकर्षक ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
योजना के अंतर्गत जिन किसानों के पास किसान क्रेडिट कार्ड नहीं है, उन्हें 1.60 लाख रुपये तक का ऋण बिना गारंटी के दिया जाएगा, जबकि दुग्ध संस्था की गारंटी मिलने पर यह सीमा बढ़ाकर 3 लाख रुपये तक की जा सकती है। जिन किसानों के पास पहले से किसान क्रेडिट कार्ड है, वे भी अपनी ऋण सीमा बढ़ाकर 3 लाख रुपये तक कर सकते हैं।
इस योजना में ऋण का मूल ब्याज दर 9 प्रतिशत निर्धारित है, लेकिन समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को केंद्र सरकार की ओर से 3 प्रतिशत और राज्य सरकार के 11 फरवरी 2026 के निर्णय के अनुसार 4 प्रतिशत तक की ब्याज छूट मिलती है। इसके अलावा बैंकों द्वारा भी 2 प्रतिशत तक की छूट दी जाती है, जिससे नियमित भुगतान करने वाले पशुपालकों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर का लाभ भी मिल सकता है।
विभाग के अनुसार वर्ष 2026-27 से ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्यमिता योजना’ के तहत पात्र लाभार्थियों को इस क्रेडिट कार्ड के माध्यम से कार्यशील पूंजी का लाभ दिया जाएगा। राज्य में 10 लाख पशुपालकों को इस योजना से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अधिक जानकारी के लिए पशुपालक अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय या हेल्पलाइन नंबर 1962 पर संपर्क कर सकते हैं।
योजना का लाभ उन पशुपालकों को मिलेगा जो दूध सोसायटी, दूध संघ या दूध उत्पादक कंपनी के सदस्य हैं और जिन्होंने अभी तक इस योजना का लाभ नहीं लिया है। इस योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी जिला पशुसंवर्धन उपआयुक्त को दी गई है।
पात्रता के अनुसार आवेदक ने केंद्र, राज्य या जिला परिषद की किसी अन्य अनुदान योजना का लाभ नहीं लिया होना चाहिए तथा पशुधन का पंजीकरण एनडीएलएम (भारत पशुधन) पोर्टल पर होना अनिवार्य है। योजना के तहत निर्धारित सीमा के अनुसार ही विभिन्न पशुधन इकाइयों पर लाभ दिया जाएगा, जिसमें 100 तक दुधारू पशु, 500 तक भेड़-बकरी, 200 तक सूअर, 25,000 मांसल कुक्कुट या 50,000 अंडा उत्पादक पक्षी शामिल हैं।
पशुपालकों को लिया गया ऋण एक वर्ष के भीतर चुकाना होगा और योजना के नियमों का पालन करना अनिवार्य रहेगा। पशुसंवर्धन आयुक्त डॉ. किरण पाटील ने अपील की है कि अधिक से अधिक पात्र पशुपालक इस योजना का लाभ उठाएं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन व्यवसाय को बढ़ावा मिल सके और आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके।



