प्रशासनमध्य प्रदेशरीवा

अक्षय तृतीया पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

अक्षय तृतीया पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

संयुक्त टीम ने रुकवाया बाल विवाह, बच्ची का भविष्य हुआ सुरक्षित

रिपोर्ट: विशाल समाचार 

स्थान: मऊगंज मध्यप्रदेश

मऊगंज : कलेक्टर संजय कुमार जैन के निर्देशन में जिले में बाल विवाह के खिलाफ सख्त और निरंतर कार्रवाई जारी है। महिला एवं बाल विकास, पुलिस एवं जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन की सहयोगी संस्था अहिंसा वेलफेयर सोसाइटी के संयुक्त प्रयासों से अक्षय तृतीया के अवसर पर एक बाल विवाह को समय रहते रुकवाया गया। अहिंसा वेलफेयर सोसाइटी को बाल विवाह की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही संस्था ने तत्काल महिला एवं बाल विकास विभाग एवं पुलिस को अवगत कराया। संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर त्वरित कार्रवाई करते हुए विवाह रुकवाया और एक नाबालिग बालिका का भविष्य सुरक्षित किया। कार्रवाई के दौरान जिला समन्वयक सुरेंद्र चतुर्वेदी, आशीष शुक्ला एवं पर्यवेक्षक सुमन शर्मा ने परिजनों से संवाद कर उन्हें बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिका का विवाह कराना दंडनीय अपराध है। समझाइश के बाद परिजन विवाह टालने के लिए सहमत हो गए। मौके पर पंचनामा तैयार कर परिजनों से लिखित आश्वासन लिया गया और बाल विवाह रूक गया।

कलेक्टर की अध्यक्षता में बाल विवाह एवं बाल संरक्षण विषयक महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं को सख्त निर्देश दिए गए कि बाल विवाह की रोकथाम हेतु सभी स्तरों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में ग्राम से जिला स्तर तक बाल संरक्षण समितियों को सक्रिय करने, प्रत्येक ग्राम पंचायत में विवाह पंजी संधारित करने, आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका मजबूत करने तथा 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन पर प्राप्त सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सामुदायिक स्तर पर जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि समाज की सहभागिता से ही इस कुरीति को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। यह कार्रवाई प्रशासन और समाज के समन्वित प्रयास का सशक्त उदाहरण है, जो बाल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button