
महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के सेवानिवृत्त कर्मचारियों का धरना, दो महीने से बंद पेंशन पर आक्रोश
पुणे में प्रदर्शन, सरकार से तत्काल पेंशन बहाल करने की मांग
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान: पुणे, महाराष्ट्र
महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (एमजेपी) के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पिछले दो महीनों से पेंशन नहीं मिलने के कारण राज्यभर में रोष बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में पुणे में आज बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई।
भीषण गर्मी के बीच वयोवृद्ध कर्मचारियों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों के सामने रोजमर्रा के खर्च और दवाइयों के लिए भी पैसे जुटाना मुश्किल हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से तत्काल पेंशन शुरू करने की मांग की।
महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण कर्मचारी संघर्ष कृती समिति के बैनर तले राज्य के विभिन्न कार्यालयों के सामने विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को ज्ञापन भेजकर मामले में त्वरित हस्तक्षेप की मांग की। साथ ही मुख्य अभियंता वैशाली आवटे को भी मांगों का ज्ञापन सौंपा गया।
प्रदर्शन में संगठन के अध्यक्ष एस.डी. देशपांडे, उपाध्यक्ष एस.सी. आलेकर, कार्याध्यक्ष ए.जी. देशमुख, अरुण निर्भवणे, गजानन गटलेवार, सरचिटणीस संजय केळकर, डी.के. इनामदार, प्रिया माळी, श्रीकांत राऊत समेत सैकड़ों सेवानिवृत्त कर्मचारी और अभियंता शामिल हुए।
संघटना के अनुसार, महालेखाकार कार्यालय द्वारा लेखा शीर्ष (हेड) फ्रीज किए जाने के कारण मार्च 2026 से पेंशन का भुगतान बंद है। इसके अलावा वेतन भुगतान के लिए उपयोग किए जाने वाले अस्थायी कोड की अवधि 31 मार्च 2026 को समाप्त हो गई, जिससे आगे भुगतान संभव नहीं हो पा रहा है।
