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विधानपरिषद चुनाव 2026 को लेकर पुणे में कड़े प्रतिबंधात्मक आदेश जारी

विधानपरिषद चुनाव 2026 को लेकर पुणे में कड़े प्रतिबंधात्मक आदेश जारी

रिपोर्ट: विशाल समाचार 

स्थान:पुणे, महाराष्ट्र

पुणे जिला प्रशासन ने महाराष्ट्र विधानपरिषद द्विवार्षिक चुनाव 2026 के मद्देनज़र शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और निर्भय चुनाव सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। ये आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत लागू किए गए हैं और 22 जून 2026 तक प्रभावी रहेंगे।

पुणे,: महाराष्ट्र विधानपरिषद द्विवार्षिक चुनाव 2026 को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से पुणे के जिलाधिकारी एवं जिला दंडाधिकारी जितेंद्र डूडी ने सख्त प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं।

आदेश के अनुसार जाति, भाषा या धर्म के आधार पर किसी भी प्रकार के शिविरों के आयोजन पर प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही धार्मिक स्थलों, अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों के पास अस्थायी पार्टी कार्यालय स्थापित करने पर भी रोक रहेगी।

सार्वजनिक स्थलों और सड़कों पर पोस्टर, बैनर, होर्डिंग, कटआउट और कमानियां लगाने पर कड़े नियम लागू किए गए हैं। यदि इनसे यातायात बाधित होने या दुर्घटना की संभावना हो, तो ऐसे प्रचार सामग्री पर रोक रहेगी। शासकीय एवं सार्वजनिक संपत्ति पर किसी भी प्रकार के पोस्टर या विज्ञापन लगाने के लिए सक्षम प्राधिकरण की पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी।

ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर भी सख्त नियम लागू किए गए हैं। बिना पुलिस अनुमति के लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। सुबह 6 बजे से पहले और रात 10 बजे के बाद किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। चलती गाड़ियों पर लाउडस्पीकर का प्रयोग भी पूरी तरह वर्जित रहेगा।

इसके अलावा निजी संपत्तियों, इमारतों और दीवारों का उपयोग चुनाव प्रचार के लिए बिना मालिक की अनुमति के नहीं किया जा सकेगा। नमूना मतपत्र की छपाई में चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित कागज और प्रारूप का पालन करना अनिवार्य होगा।

जिला प्रशासन कार्यालय, उपविभागीय एवं तहसील कार्यालयों, शासकीय विश्रामगृहों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी प्रकार की रैली, सभा, नारेबाजी, आंदोलन या राजनीतिक प्रचार गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।

चुनाव प्रचार के लिए 10 से अधिक वाहनों के काफिले के उपयोग पर भी रोक लगाई गई है। इसके साथ ही धरना, प्रदर्शन, जुलूस और उपवास जैसी गतिविधियों पर भी प्रतिबंध रहेगा।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि इन आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 सहित अन्य प्रचलित कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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