
गांवों की आर्थिक रीढ़ को मजबूत करेगी वीबी-जीराम जी योजना – सांसद
योजना में 125 दिन के रोजगार की गारंटी और 300 रुपए प्रतिदिन मजदूरी का है प्रावधान
जनपद रायपुर कर्चुलियान में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में योजना का हुआ शुभारंभ
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान:रीवा मध्य प्रदेश
रीवा. भारत सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका और रोजगार को नई दिशा देने के लिए शुरू किए गए महत्वाकांक्षी अभियान विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जीराम जी योजना शुरू की गई है। योजना का जिला स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आन्ध्रप्रदेश के तिरुपति जिले में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया गया।
कार्यक्रम में सांसद श्री जनार्दन मिश्र ने कहा कि आज का यह दिन हमारे ग्रामीण भारत के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। वीबी जीराम जी योजना केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह हमारे गांवों की आर्थिक रीढ़ को मजबूत करने का संकल्प है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका का जो संकल्प तिरुपति से लिया गया है, उसकी गूंज आज रीवा के हर गांव में सुनाई दे रही है। हर हाथ को काम मिले और हर ग्रामीण परिवार आर्थिक रूप से सशक्त हो। जब हमारे गांवों की माताएं, बहनें और युवा आत्मनिर्भर होंगे, तभी देश आत्मनिर्भर बनेगा। वर्ष 2047 तक भारत को एक महाशक्ति और विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में यह योजना सबसे महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी। नई योजना से गांव के विकास को गति मिलेगी। मजदूरों को तीन सौ रुपए प्रतिदिन बढ़ी हुई मजदूरी मिलेगी। इस योजना से जल संरक्षण के कार्य प्राथमिकता से कराए जाएंगे। हमें भविष्य को देखते हुए कम पानी में उपज देने वाली फसलों की ओर जाना होगा। मैं रीवा के हर नागरिक, किसान, युवा और स्व-सहायता समूह की दीदियों से अपील करता हूं कि वे इस मिशन से जुड़ें और अपनी आजीविका को नई ऊंचाइयों पर ले जाएं।
कार्यक्रम में गुढ़ विधायक श्री नागेन्द्र सिंह ने कहा कि नई योजना में मजदूरों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। ग्रामीण क्षेत्र में अधोसंरचना के विकास कार्यों में तेजी आएगी जिससे गांव का समग्र विकास होगा। उन्होंने इस योजना को क्रांतिकारी कदम बताया। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल ने कहा कि यह ग्रामीण भारत की सबसे बड़ी रोजगार योजना है। इस नई योजना में मजदूरों और ग्रामीणों के लिए कई बड़े सुधार किए गए हैं। कार्यक्रम में जिला पंचायत रीवा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मेहताब सिंह गुर्जर ने योजना के उद्देश्यों और ग्रामीण स्तर पर इसके क्रियान्वयन की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के स्थायी अवसर और आजीविका के नए साधन विकसित किए जाएंगे। जिले की सभी जनपद और ग्राम पंचायतों में भी वीबी-जीराम जी योजना के शुभारंभ कार्यक्रम आयोजित किए गए और राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया गया। कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष रायपुर कर्चुलियान श्रीमती सुमन बलिकरण साकेत एवं जनपद अध्यक्ष गंगेव श्री विकास तिवारी, जिला पंचायत सदस्य श्री ब्रजेश कोरी, श्री लालमणि त्रिपाठी, श्री मृत्युंजय तिवारी, श्री विनय तिवारी, सीईओ जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान प्रदीप दुबे, परियोजना अधिकारी शिव सोनी, लेखा अधिकारी योगेंद्र पांडेय, संजय सिंह, अन्य अधिकारी-कर्मचारी, त्रि-स्तरीय पंचायत प्रतिनिधि, स्व-सहायता समूहों की दीदियां, किसान और बड़ी संख्या में स्थानीय युवा उपस्थित रहे।
क्या है योजना – वीबी-जीराम जी योजना का पूरा नाम विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) है। केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई यह योजना एक जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू हो चुकी है। यह ग्रामीण भारत की सबसे बड़ी रोजगार योजना है। अब मनरेगा पूरी तरह समाप्त हो चुकी है और उसके बदले नए नियमों और ज्यादा फायदों के साथ वीबी-जीरामजी योजना आ गई है। इस नई योजना में मजदूरों और ग्रामीणों के लिए कई बड़े सुधार किए गए हैं। योजना के तहत एक साल में 125 दिन का रोजगार दिया जाएगा, जो पहले 100 दिन का था। सरकार ने पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर न्यूनतम आधार मजदूरी 300 रुपए प्रतिदिन तय कर दी है। इस योजना में मजदूरी का भुगतान सीधे मजदूर के बैंक खाते में किया जाएगा। वीबी-जीरामजी योजना के तहत तालाबों का जीर्णोद्धार, जल संरक्षण और सिंचाई व्यवस्था, गांवों को जोड़ने वाली सड़कें और पक्के निर्माण, आजीविका के साधन पशु शेड, बागवानी और आजीविका से जुड़े परमानेंट एसेट्स (परिसंपत्तियां) बनाना तथा पर्यावरण और मौसम के बदलावों से निपटने वाले काम किए जाएंगे।


