
ज्येष्ठ वारकरियों को ‘जगद्गुरु संत शिरोमणि तुकाराम महाराज जीवनगौरव पुरस्कार-2026’ से सम्मानित
पुणे में पालखी पड़ाव पर हुआ समारोह, 30 फीट ऊंची विठ्ठल प्रतिमा बनी आकर्षण का केंद्र
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान: पुणे महाराष्ट्र
पुणे। संत तुकाराम महाराज पालखी सोहले की पृष्ठभूमि में पुणे पहुंचे वारकरी संप्रदाय के वरिष्ठ सेवकों, भजन-कीर्तन, संगीत, सामाजिक सेवा तथा संत सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वारकरियों को ‘जगद्गुरु संत शिरोमणि तुकाराम महाराज जीवनगौरव पुरस्कार-2026’ से सम्मानित किया गया। विश्वभूषण डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर सांस्कृतिक महोत्सव समिति, पुणे की ओर से आयोजित समारोह में पुणे की महापौर मंजूषा नागपुरे ने पुरस्कार प्रदान किए।
इस वर्ष सम्मानित होने वालों में सुलभा विजयकुमार दिवाण (भजन गायिका), ह.भ.प. पांडुरंग दत्तात्रय गुजाका (भजन गायक), ह.भ.प. हर्षल एकनाथ जाधव (मृदंग वादक एवं संगीत विशारद), कांता साहेबराव लांडगे (भजन गायिका), गणेश केशव गायकवाड़ (दत्त सेवक), शांताबाई पाटलोजी ढोरे (भजन गायिका) तथा ह.भ.प. बाबासाहेब दत्तात्रय रानवडे (भजन मंडल) शामिल रहे।
बोपोडी मेट्रो स्टेशन के समीप स्थित पालखी विश्राम स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में महापौर मंजूषा नागपुरे, उपमहापौर एवं समिति अध्यक्ष परशुराम वाडेकर, विधायक सिद्धार्थ शिरोळे, नगरसेवक सनी निम्हण, पूर्व उपमहापौर सुनीता वाडेकर, नगरसेविका भक्ति गायकवाड़, नगरसेविका सपना छाजेड, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) शिवाजीनगर अध्यक्ष अविनाश कदम सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इस अवसर पर विश्वभूषण डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर सांस्कृतिक महोत्सव समिति, रोटरी क्लब ऑफ पुना डाउनटाउन तथा संचेती इंस्टीट्यूट फॉर ऑर्थोपेडिक्स एंड रिहैबिलिटेशन फिजियोथेरेपी महाविद्यालय, पुणे के संयुक्त तत्वावधान में पालखी सोहले में शामिल वारकरियों के लिए निःशुल्क मालिश एवं फिजियोथेरेपी सेवा उपलब्ध कराई गई। सैकड़ों वारकरियों ने इस स्वास्थ्य सेवा का लाभ उठाया।
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय भजन मंडलों ने अभंग, भजन और कीर्तन प्रस्तुत कर भक्तिमय वातावरण का निर्माण किया। समारोह का संचालन एडवोकेट ज्ञानेश्वर जाविर ने किया। समिति की ओर से स्थापित 30 फीट ऊंची भगवान विठ्ठल की प्रतिमा तथा संत तुकाराम महाराज और संत ज्ञानेश्वर की आकर्षक प्रतिमाओं वाले भव्य दृश्य ने श्रद्धालुओं और उपस्थित लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।


