ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी बनाकर स्वच्छ एवं सुंदर नगर के निर्माण हेतु करें भागीरथ प्रयास: जिलाधिकारी
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:इटावा उत्तर प्रदेश
इटावा -जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में स्थानीय निकायों से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, एमआरएफ सेंटर, सार्वजनिक शौचालयों की व्यवस्था तथा स्वच्छता संबंधी कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी महोदय ने जनपद में एमआरएफ सेंटरों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्य, उनकी क्षमता एवं जनसंख्या के अनुरूप आवश्यकता की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां कूड़े का अधिक संग्रहण हो रहा है, वहां प्राथमिकता के आधार पर एमआरएफ सेंटर स्थापित किए जाएं। समीक्षा में अवगत कराया गया कि जनपद में 10 एमआरएफ सेंटर निर्मित हैं, जिनमें से 8 संचालित तथा 2 अभी संचालित नहीं हैं। जिलाधिकारी महोदय ने सभी एमआरएफ सेंटरों को शीघ्र पूर्ण क्षमता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए सभी एसटीपी पूर्ण रूप से क्रियाशील रहें। साथ ही जसवंतनगर, भरथना एवं इकदिल में एसटीपी की क्षमता बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता व्यवस्था में अपेक्षित परिवर्तन केवल औपचारिक प्रयासों से नहीं आएगा, बल्कि इसके लिए भागीरथ प्रयास करने होंगे।
जिलाधिकारी महोदय ने नगर निकायों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कूड़ा एकत्रित कर उसका वैज्ञानिक निस्तारण एमआरएफ सेंटरों पर किया जाए। किसी भी स्थिति में कूड़ा रास्ते में गिराते हुए अथवा यमुना नदी में डंप करने जैसी प्रवृत्ति स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक वार्ड का संपूर्ण कूड़ा सीधे एमआरएफ सेंटर तक पहुंचे तथा बीच में कहीं भी डंपिंग न की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार स्वच्छता व्यवस्था पर करोड़ों रुपये व्यय कर रही है और आधुनिक वाहन उपलब्ध कराए गए हैं, इसलिए संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में जिलाधिकारी महोदय ने नगर निकायों को निर्देशित किया कि जहां भी अनधिकृत रूप से कूड़ा डंप किया जा रहा है, वहां तत्काल कार्रवाई की जाए। विशेष रूप से मैरिज होम एवं अन्य संस्थानों द्वारा खुले में कूड़ा फेंके जाने की शिकायतों पर संबंधितों को नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा कूड़ा उठाने की लागत की वसूली भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने उपयोगकर्ता शुल्क (यूजर चार्ज) की प्रभावी वसूली करते हुए उसका पारदर्शी लेखा-जोखा रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों की नियमित साफ-सफाई एवं रखरखाव पर विशेष जोर देते हुए कहा कि शौचालयों का संचालन स्थानीय निकाय प्रभावी ढंग से नहीं कर पा रहा हैं, उन्हें सुलभ संस्था के माध्यम से संचालित कराया जाए। उन्होंने एसबीआई बैंक के सामने स्थित सार्वजनिक शौचालय की खराब स्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी महोदय ने बल्क वेस्ट जनरेटर्स को चिन्हित कर उन्हें नियमानुसार नोटिस जारी करने तथा नियमों का पालन न करने पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में संबंधित विभागों एवं स्थानीय निकायों के अधिकारियों को स्वच्छ, सुव्यवस्थित एवं पर्यावरण अनुकूल नगरीय व्यवस्था स्थापित करने के लिए समन्वित एवं समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उक्त बैठक में नगर मजिस्ट्रेट राजेन्द्र बहादुर, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद सन्तोष कुमार मिश्रा, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद जसवन्तनगर श्याम वचन सरोज सहित संबंधित विभाग अधिकारीगण उपस्थिति रहे।