
कलेक्टर की पहल से दिव्यांगजनों को मिला आत्मनिर्भरता का संबल
एलिम्को के दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल: तीन दिवसीय निःशुल्क सहायक उपकरण वितरण शिविर संपन्न
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:सीतामढ़ी बिहार
मऊगंज . सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) के सहयोग से जिले के तीनों विकासखंडों में 13 से 15 जुलाई 2026 तक आयोजित तीन दिवसीय निःशुल्क सहायक उपकरण वितरण शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। शिविर का उद्देश्य दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर, सशक्त एवं सम्मानजनक जीवन जीने में सहयोग प्रदान करना रहा।
शिविर के समापन अवसर पर कलेक्टर श्री संजय कुमार जैन ने केदारनाथ महाविद्यालय परिसर में आयोजित समारोह में शामिल हुए । उन्होंने संबंधित विभागों को शिविर से जुड़े सभी कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री जैन ने कहा कि राज्य एवं केंद्र सरकार दिव्यांगजनों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। इस प्रकार के शिविर दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने तथा उनके जीवन को अधिक सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। उन्होंने सभी पात्र दिव्यांगजनों एवं उनके परिजनों से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने का आह्वान किया। शिविर के दौरान 104 दिव्यांगजनों का पंजीयन किया गया। इनमें 60 वर्ष से अधिक आयु के राष्ट्रीय वायुश्री के 18 हितग्राही, कृत्रिम अंग के 18 हितग्राही तथा 68 दिव्यांगजनों को चिन्हित कर आवश्यक सहायक उपकरणों का लाभ प्रदान किया गया।
शिविर में अधिक दिव्यांगता वाले पात्र हितग्राहियों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी, श्रवण यंत्र, स्मार्ट केन, कृत्रिम अंग सहित विभिन्न सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए। जिला प्रशासन ने शिविर के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी विभागों, एलिम्को के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी दिव्यांगजनों के कल्याण एवं पुनर्वास के लिए इस प्रकार के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे। जिला प्रशासन ने बताया कि ऐसे प्रयासों के माध्यम से दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। यह शिविर जिले में दिव्यांगजन कल्याण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील पहल साबित हुआ।


