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सीएट एंड्यूरो पार्क लद्दाख ने भारत को ग्लोबल एंड्यूरो मानचित्र पर दिलाई पहचान, बना एशिया का सबसे ऊंचाई पर स्थित मोटरसाइकिल ट्रेनिंग एरिना

सीएट एंड्यूरो पार्क लद्दाख ने भारत को ग्लोबल एंड्यूरो मानचित्र पर दिलाई पहचान, बना एशिया का सबसे ऊंचाई पर स्थित मोटरसाइकिल ट्रेनिंग एरिना

 

इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने दी मान्यता

3,500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित लेह के इस ऑफ-रोड ट्रेनिंग एरिना में अगस्त 2024 से अब तक 2,500 से अधिक राइडर्स को प्रशिक्षण दिया जा चुका है

यह उपलब्धि लद्दाख में ऑफ-रोड राइडिंग प्रशिक्षण और स्थानीय कौशल विकास का व्यवस्थित इकोसिस्टम तैयार करने की सीएट की कोशिशों में महत्वपूर्ण पड़ाव है

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान पुणे महाराष्ट्र 

पुणे: सीएट लिमिटेड ने गुरुवार को घोषणा की कि लेह स्थित सीएट लद्दाख एंड्यूरो पार्क को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने ‘एशिया के सबसे अधिक ऊंचाई पर स्थित मोटरसाइकिल ट्रेनिंग एरिना’ के रूप में मान्यता दी है।

 

 

समुद्र तल से करीब 3,500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह स्थायी और विशेष रूप से तैयार किया गया ऑफ-रोड ट्रेनिंग सेंटर 7 अगस्त 2024 को शुरू हुआ था। तब से यहां 2,500 से ज्यादा राइडर्स प्रशिक्षण ले चुके हैं। लद्दाख के चुनौतीपूर्ण ऊंचाई वाले प्राकृतिक भूभाग के बीच बने इस पार्क में पेशेवर रूप से डिजाइन किया गया ट्रैक और विभिन्न तरह की बाधाएं हैं। यहां राइडर्स को ऑफ-रोड तकनीक, आत्मविश्वास और मोटरसाइकिल पर बेहतर नियंत्रण विकसित करने का प्रशिक्षण दिया जाता है।

 

 

रिकॉर्ड की यह मान्यता पार्क में आयोजित एक समारोह में प्रदान की गई। इसमें सीएट के वरिष्ठ अधिकारी, एडवेंचर राइडर्स और लद्दाख के मोटरसाइकिल समुदाय से जुड़े लोग शामिल हुए।

 

सीएट लिमिटेड के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर लक्ष्मी नारायणन बी. ने कहा कि इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से मिली यह मान्यता कंपनी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनके मुताबिक, पार्क बनाने का उद्देश्य केवल ऑफ-रोड ट्रैक तैयार करना नहीं था, बल्कि ऐसा विश्वसनीय प्लेटफॉर्म विकसित करना था जहां राइडर्स व्यवस्थित तरीके से सीख सकें, अपने कौशल में सुधार कर सकें और दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण मोटरसाइकिलिंग इलाकों में से एक में सुरक्षित तरीके से राइडिंग का अनुभव हासिल कर सकें। उन्होंने कहा कि दो वर्षों में 2,500 से अधिक राइडर्स को प्रशिक्षण मिलना भारत में कुशल और जिम्मेदार एडवेंचर राइडिंग संस्कृति की संभावनाओं को दर्शाता है।

 

 

 

भारत के बढ़ते ऑफ-रोड राइडिंग समुदाय के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तौर पर विकसित किए गए इस पार्क में राइडर्स को केवल मनोरंजन के लिए ट्रैक उपलब्ध नहीं कराया जाता, बल्कि उन्हें चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जाता है। यहां तीन स्तरों का प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसमें अलग-अलग कौशल वाले राइडर्स के लिए भूभाग को समझना और उस पर मोटरसाइकिल चलाना, शरीर की सही स्थिति, बाइक पर नियंत्रण और बाधाओं को पार करने जैसी तकनीकों पर ध्यान दिया जाता है।

 

 

 

सीएट लद्दाख में मोटरसाइकिलिंग से जुड़े स्थानीय इकोसिस्टम को मजबूत करने पर भी जोर दे रही है। इसके लिए कंपनी लद्दाख बाइक रेंटल कोऑपरेटिव एसोसिएशन के साथ मिलकर विशेष मार्शल ट्रेनिंग प्रोग्राम चला रही है। इसका उद्देश्य ऊंचाई वाले चुनौतीपूर्ण इलाकों में राइडर्स की सुरक्षित आवाजाही के लिए स्थानीय मार्शलों को जरूरी कौशल प्रदान करना है।

 

 

कार्यक्रम में ऑफ-रोड राइडिंग के तीन स्तरों के साथ फर्स्ट एड और सीपीआर, आपात स्थिति एवं दुर्घटना से निपटना, मोड़ और खतरों के लिए हैंड सिग्नल, अलग-अलग भूभाग के अनुसार मोटरसाइकिल की सेटिंग तथा ग्राहक से संवाद और व्यवहार जैसे विषय शामिल हैं। प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र दिया जाता है।

 

 

 

 

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