
उद्यमियों की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण कर उद्योग स्थापना को सुगम बनाएं : जिलाधिकारी
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान इटावा उत्तर प्रदेश
इटावा – जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिला उद्योग बन्धु समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने, उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण तथा विभिन्न विभागों से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा की गई।
बैठक में निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित आवेदन पत्रों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी महोदय ने एकल मेज व्यवस्था के अंतर्गत निवेश मित्र पोर्टल पर विभिन्न विभागों से संबंधित प्रकरणों की स्थिति की जानकारी ली।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के अंतर्गत जनपद में कुल 195 एमओयू हस्ताक्षरित किए गए थे, जिनके माध्यम से लगभग ₹2,346.22 करोड़ के निवेश के साथ 7,598 रोजगार सृजन प्रस्तावित थे। वर्तमान में 121 इकाइयों को GBC Ready किया जा चुका है, जबकि 97 इकाइयों द्वारा वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर वर्तमान में जनपद इटावा की ग्रेडिंग-B है। जिलाधिकारी महोदय ने निर्देश दिए कि शेष GBC Ready इकाइयों में शीघ्र वाणिज्यिक संचालन प्रारंभ कराने के लिए संबंधित विभाग अपने स्तर से प्रभावी कार्रवाई एवं समन्वित प्रयास सुनिश्चित करें, जिससे जनपद की रैंकिंग में और सुधार हो सके।
जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि उद्योग स्थापित करने में उद्यमियों को किसी भी प्रकार की अनावश्यक कठिनाई नहीं होनी चाहिए। माननीय मुख्यमंत्री जी के स्पष्ट निर्देश हैं कि जो उद्यमी उद्योग लगाना चाहते हैं, उन्हें हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि उद्यमियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करते हुए विभागीय स्तर पर आवश्यक कार्यवाही समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की समीक्षा करते हुए बैंकों को निर्देशित किया कि योजनांतर्गत प्राप्त ऋण आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा ऋण की गारंटी भी उपलब्ध कराई जा रही है, ऐसे में बैंक स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। पात्र युवाओं को योजना का लाभ दिलाकर उन्हें स्वरोजगार एवं उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाना सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन कुजी़न’ (ODOP) योजना की भी समीक्षा की गई। योजना के तहत जनपद इटावा के पारंपरिक खीर मोहन, मट्ठे आलू एवं सरसों आधारित उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए ब्रांडिंग एवं प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत उद्यमियों को बैंक के माध्यम से वित्तीय सहायता के साथ स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कई अनुदान योजनाओं की शुरुआत की गई है। इसके तहत उत्पादन की गुणवत्ता, शेल्फ लाइफ बढ़ाने, स्वच्छता मानकों की पूर्ति, अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उत्पाद विकास और R&D गतिविधियों पर 75% सब्सिडी प्रदान की जाएगी। साथ ही, एफ0एस0एस0ए0आई लाइसेंस व संबंधित अनुमतियों के शुल्क पर भी 75% सब्सिडी का प्रावधान है। व्यवसाय के डिजिटल प्रसार हेतु ई-कॉमर्स व वेबसाइट निर्माण पर निर्धारित सहायता दी जाएगी, जबकि निर्यात संवर्द्धन के लिए विदेशी खरीदारों को उत्पाद के नमूने (सैंपल) भेजने की भी सुविधा मिलेगी। योजना का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने के साथ उद्यमियों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना है।
जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि उद्योग केवल निवेश नहीं, बल्कि रोजगार, आत्मनिर्भरता और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम हैं। इसलिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ उद्यमियों को आवश्यक अनुमतियां, सुविधाएं एवं मार्गदर्शन समय से उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि जनपद में निवेश की संभावनाओं को धरातल पर उतारना प्रशासन की प्राथमिकता है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, उपायुक्त उद्योग आत्मदेव शर्मा, एल0डी0एम सतीश कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि एवं उद्यमी उपस्थित रहे।


