
राज्य सरकारी कर्मचारी मध्यवर्ती संघटना के पुणे जिलाध्यक्ष बने मारुति शिंदे, महासचिव पद पर महेश घुले निर्विरोध
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान पुणे महाराष्ट्र
पुणे : राज्य सरकारी कर्मचारी मध्यवर्ती संघटना, पुणे के जिलाध्यक्ष पद पर मारुति रामभाऊ शिंदे और महासचिव पद पर पै. महेश घुले की सर्वसम्मति से निर्विरोध नियुक्ति हुई है। संगठन की त्रैवार्षिक कार्यकारिणी चुनाव प्रक्रिया हाल ही में पुणे स्थित मध्यवर्ती भवन में निर्विरोध संपन्न हुई। चुनाव निर्णय अधिकारी रामचंद्र दशरथ अभंगराव ने नवनिर्वाचित कार्यकारिणी की घोषणा की।
संगठन के प्रत्येक पद के लिए केवल एक-एक नामांकन पत्र प्राप्त होने के कारण सभी पदाधिकारियों का निर्विरोध निर्वाचन हुआ। कार्याध्यक्ष पद पर दीपक चव्हाण, कोषाध्यक्ष पद पर विजय लांघे, कार्यालयीन सचिव पद पर सोमनाथ जाधव, सह-कोषाध्यक्ष पद पर अविनाश तळेकर तथा संगठन सचिव पद पर भाग्यशाली लोखंडे और एस. वी. सानप चुने गए। वहीं, प्रचार-प्रसार प्रमुख पद की जिम्मेदारी प्रशांत आवळे को दी गई।
उपाध्यक्ष पद पर दिनेश कुचेकर, कृष्णा साळवी, नंदकिशोर भरेकर, सदानंद मोरडे, संजय कडाळे, बालासाहेब चौधरी, संध्याताई काजळे, सुनील चोरामले, दीपक धीवार, विष्णु माने, प्रशांत पवार, ज्ञानेश्वर कापसे, शंकर शिंदे, प्रवीण इगवे, अरुण काळे, मनोहर परमार, बसवराज कलागदी, नसरुद्दीन शेख और प्रज्ञा गायकवाड का चयन किया गया।
सहसचिव पद पर अनिकेत साळुंखे, राजेंद्र ढवळे, सिद्धेश्वर गोवेकर, सोपान भोसले, रवींद्र मुळे, विजय नरोटे, वैभव चव्हाण, ज्ञानेश्वर शिरसागर, राजेंद्र चव्हाण और विद्या जाधव चुने गए।
कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर आगे की रणनीति तय
नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के गठन के बाद आयोजित वार्षिक आमसभा में सरकारी कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों पर चर्चा की गई। बैठक में ‘आरएनपीएस’ पेंशन योजना को प्रभावी रूप से लागू करने, सभी विभागों में रिक्त पदों को तत्काल सीधी भर्ती के माध्यम से भरने और सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
इसके साथ ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सीधी भर्ती करने, पिछड़ा वर्ग के कर्मचारियों को तत्काल पदोन्नति देने, संविदा कर्मचारियों को स्थायी सेवा में शामिल करने और अनुकंपा भर्ती को 100 प्रतिशत एक साथ पूरा करने की मांग रखी गई।
कर्मचारियों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य योजना लागू करने, केंद्र सरकार की तर्ज पर महंगाई भत्ता समय पर और त्रुटिरहित लागू करने तथा बाल संगोपन अवकाश की अवधि दो वर्ष करने की मांग भी की गई। विभिन्न विभागों के आकृतिबंध और सेवा प्रवेश नियमों को तत्काल मंजूरी देने सहित कर्मचारियों की अन्य लंबित मांगों को लेकर शासन और प्रशासन के समक्ष प्रभावी तरीके से पैरवी करने की रणनीति तय की गई।
नवनिर्वाचित कार्यकारिणी से कर्मचारियों को उम्मीद
राज्य सरकारी कर्मचारी मध्यवर्ती संघटना के प्रदेश महासचिव विश्वास काटकर ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नवनिर्वाचित कार्यकारिणी पुणे जिले के कर्मचारियों की समस्याओं को बेहतर तरीके से उठाकर उनके समाधान के लिए प्रभावी प्रयास करेगी। उन्होंने सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को उनके आगामी कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।
नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के सामने पुणे जिले के सरकारी कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों को शासन-प्रशासन के स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।


