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सीएम हेल्पलाइन के 80 प्रतिशत प्रकरण 5 सितम्बर तक निराकृत करें – कलेक्टर 

सीएम हेल्पलाइन के 80 प्रतिशत प्रकरण 5 सितम्बर तक निराकृत करें – कलेक्टर 

फाइलों का मूवमेंट केवल ई आफिस से ही करें – कलेक्टर 

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान रीवा मध्य प्रदेश

रीवा . कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों तथा टीएल पत्रों के निराकरण की समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि सभी अधिकारी सीएम हेल्पलाइन में लंबित प्रकरणों के निराकरण पर विशेष ध्यान दें। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान में इन प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण करके प्रतिवेदन देना है। सभी अधिकारी 5 सितम्बर तक लंबित सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों का 80 प्रतिशत निराकरण कराएं। हर माह की 10 तारीख तक 85 प्रतिशत तथा 15 तारीख तक 90 प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करें। किसी भी स्थिति में 90 प्रतिशत से कम निराकरण मान्य नहीं होगा। तत्परता से प्रकरणों का निराकरण करके विभाग और जिले की रैंकिंग में सुधार करें। राजस्व, ग्रामीण विकास विभाग, ऊर्जा, खाद्य, पीएचई, शिक्षा, श्रम तथा नगरीय निकाय विभागों के अधिकारी लंबित प्रकरणों के निराकरण पर विशेष ध्यान दें। सभी एसडीएम विभागवार समीक्षा करके प्रकरणों का निराकरण कराएं।

कलेक्टर ने कहा कि जिला और खण्ड स्तर के सभी अधिकारी ई आफिस के माध्यम से ही फाइलों का मूवमेंट करें। निराकृत प्रकरणों की फाइलें क्लोज करें तथा पार्क कराएं। अभी भी कई अधिकारी ई आफिस का उपयोग नहीं कर रहे हैं। किसी भी स्थिति में हार्डकॉपी मान्य नहीं की जाएगी। कार्यालयीन पत्रों का भी ई आफिस के माध्यम से ही व्यवहार करें। एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत वृक्षारोपण में गति लाएं। निर्धारित लक्ष्य के अनुसार पौधे रोपित कराकर इसकी जानकारी वायुदूत तथा अंकुर ऐप में दर्ज कराएं। सभी जनपद पंचायतों में एक-एक लाख तथा रीवा नगर निगम क्षेत्र में एक लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य दिया गया है। इसी तरह शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, उद्योग विभाग, वन विभाग, जन अभियान परिषद तथा ग्रामीण विकास विभाग को भी लक्ष्य दिए गए हैं। निर्धारित लक्ष्यों की अनिवार्य रूप से पूर्ति कराएं। कलेक्टर ने कहा कि जिले के बाढ़ तथा जल भराव से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मेडिकल टीम तैनात करके प्रभावित बस्तियों में पीड़ित लोगों की नि:शुल्क स्वास्थ्य जाँच तथा उपचार कराएं। उप संचालक पशुपालन बाढ़ में मृत पशुओं के वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण तथा पालतू पशुओं के टीकाकरण का अभियान चलाएं। सभी एसडीएम प्राकृतिक आपदा में मृत व्यक्तियों के राहत प्रकरण बनाकर उनके परिजनों को राहत राशि वितरित कराएं।

 

बैठक में कलेक्टर ने जिला आपूर्ति अधिकारी को हितग्राहियों को दो माह के खाद्यान्न समय पर वितरण के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि सभी स्वरोजगार योजनाओं में लक्ष्य से 25 प्रतिशत से अधिक आवेदन पत्र 31 अगस्त तक बैंकों में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। इसका पालन सुनिश्चित करें। शेष बचे प्रकरणों को 10 सितम्बर तक बैंकों में प्रस्तुत करें। स्वरोजगार योजनओं और विभागीय योजनाओं के लक्ष्य 30 सितम्बर तक अनिवार्य रूप से पूरे कराएं। कलेक्टर ने बैठक में स्वरोजगार योजनाओं के लंबित प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही बरतने पर अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सहायक संचालक उद्यानिकी, सहायक संचालक मछलीपालन तथा सहायक संचालक पिछड़ावर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण का वेतन रोकने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के प्रकरणों में लापरवाही बरतने पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी मनगवां, चाकघाट, गोविंदगढ़, डभौरा, बैकुण्ठपुर तथा सेमरिया को कारण बताओ नोटिस देने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बिना सूचना बैठक से अनुपस्थित रहने पर उपायुक्त सहकारिता का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। बैठक में नवागत मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सृष्टि देशमुख, अपर कलेक्टर सपना त्रिपाठी, एसडीएम अनुराग तिवारी, डिप्टी कलेक्टर जितेन्द्र तिवारी, डिप्टी कलेक्टर सुधीर बेक तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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