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सतत विकास लक्ष्यों की पूर्ति के लिए विभाग समन्वय से करें काम : डॉ. श्रीकर परदेशी

सतत विकास लक्ष्यों की पूर्ति के लिए विभाग समन्वय से करें काम : डॉ. श्रीकर परदेशी

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान पुणे महाराष्ट्र 

पुणे,। सतत विकास लक्ष्यों को वर्ष 2030 तक हासिल करने के लिए विकास कार्यों की गति बढ़ाने के साथ योजनाबद्ध, समन्वित और परिणाम आधारित तरीके से काम करने की जरूरत है। विभिन्न सरकारी विभाग आपसी समन्वय से संयुक्त प्रयास करें और उपलब्ध निधि का प्रभावी एवं परिणामकारक उपयोग सुनिश्चित करें। यह निर्देश मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. श्रीकर परदेशी ने दिए।

 

सतत विकास लक्ष्यों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आयोजित राज्यस्तरीय कार्यशाला में मार्गदर्शन करते हुए डॉ. परदेशी ने कहा कि महाराष्ट्र का एसडीजी इंडेक्स स्कोर 73 प्रतिशत है। स्वास्थ्य, ऊर्जा और सतत शहरी विकास के क्षेत्र में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने वर्ष 2030 तक सभी लक्ष्यों को हासिल करने के लिए विभागों को परिणाम आधारित कार्यप्रणाली अपनाने के निर्देश दिए।

 

कुपोषण और एनीमिया उन्मूलन को प्राथमिकता

 

उन्होंने ‘शून्य भूख’ लक्ष्य के तहत कुपोषण और एनीमिया की समस्या पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई। अन्य राज्यों की सफल योजनाओं का अध्ययन कर प्रभावी पद्धतियों को महाराष्ट्र में लागू करने पर जोर दिया गया। स्वास्थ्य बीमा का लाभ अधिक से अधिक पात्र नागरिकों तक पहुंचाने के लिए पंजीकरण, कार्ड वितरण और अधिक अस्पतालों को योजनाओं से जोड़ने की विशेष मुहिम चलाने की बात कही गई।

 

डॉ. परदेशी ने सरकारी योजनाओं की प्रभावी निगरानी के लिए रियल टाइम डाटा आधारित सक्षम प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) विकसित करने, योजनाओं के परिणामों का आकलन करने और निधि के उपयोग की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।

 

उन्होंने नियोजन विभाग को ‘एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट’ और ‘एस्पिरेशनल ब्लॉक’ कार्यक्रम के साथ समन्वय कर राज्य के 10 जिलों और 177 तालुकों के प्रदर्शन पर विशेष ध्यान देने को कहा। योजनाओं से नागरिकों के जीवन में आए वास्तविक बदलाव को ‘डेल्टा’ के रूप में मापकर आगामी नियोजन करने की आवश्यकता भी उन्होंने बताई।

 

कार्यशाला में ग्राम विकास विभाग के प्रधान सचिव डॉ. चंद्रकांत पुलकुंडवार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

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