
एसएस रिटेल लिमिटेड का आईपीओ बुधवार 16 सितंबर 2026 से खुलेगा
प्राइस बैंड 403 से 424 रुपये प्रति इक्विटी शेयर तय, प्रत्येक शेयर का अंकित मूल्य 10 रुपये
• कर्मचारी आरक्षण हिस्से में आवेदन करने वाले पात्र कर्मचारियों को ऑफर प्राइस पर प्रति शेयर 25 रुपये की छूट
• एंकर निवेशकों के लिए बोली की तारीख : 15 सितंबर 2026
• आईपीओ खुलने की तारीख : 16 सितंबर 2026, बंद होने की तारीख : 18 सितंबर 2026
• न्यूनतम 35 इक्विटी शेयरों के लिए बोली लगाई जा सकेगी और इसके बाद 35-35 शेयरों के गुणक में आवेदन किया जा सकेगा
• रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस लिंक: “https://ssmobile.com/aboutus/investor/keyDocuments.php
पुणे: एसएस रिटेल लिमिटेड (कंपनी या एसएस रिटेल) ने अपने इक्विटी शेयरों के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) की घोषणा की है। यह ऑफर कुल 3,600.00 मिलियन रुपये तक के नए इक्विटी शेयरों के फ्रेश इश्यू और 1,400.00 मिलियन रुपये तक के इक्विटी शेयरों के ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) का संयोजन है। ओएफएस के तहत प्रमोटर सेलिंग शेयरधारक सिद्धार्थ गुणवंत शाह, दीपा सिद्धार्थ शाह, हर्षल किशोर पारेख और भाविनी हर्षल पारेख तथा अन्य सेलिंग शेयरधारक राखी नरेंद्र फिरोदिया अपने शेयर बेचेंगे।
एसएस रिटेल मोबाइल फोन, एक्सेसरीज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की मल्टी-ब्रांड रिटेल चेन है। कंपनी की गतिविधियां पांच राज्यों—महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, गोवा और गुजरात—में हैं। गुजरात में कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 से कारोबार शुरू किया है। कंपनी मेट्रो, मिनी-मेट्रो, टियर-1, टियर-2 और टियर-3 तथा उससे छोटे शहरों समेत विभिन्न श्रेणी के शहरों में कई उत्पाद श्रेणियों का कारोबार करती है। हालांकि, कंपनी का मुख्य फोकस टियर-2 तथा टियर-3 और उससे छोटे शहरों में मोबाइल फोन और एक्सेसरीज की खुदरा बिक्री पर रहा है।
31 मार्च 2026 तक कंपनी के भारत में 503 स्टोर थे, जिनमें से 458 महाराष्ट्र में थे। नॉलेज कंपनी रिपोर्ट के अनुसार, इससे एसएस रिटेल पश्चिम भारत (गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, मध्य प्रदेश, दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव) तथा महाराष्ट्र में सबसे बड़ी मोबाइल फोन रिटेल चेन और देश में अपने प्रतिस्पर्धियों के बीच तीसरी सबसे बड़ी मोबाइल फोन रिटेल चेन बन गई है।
कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में अपने कारोबार का तेजी से विस्तार किया है। 31 मार्च 2024 को 109 शहरों में 236 स्टोर थे, जो बढ़कर 31 मार्च 2026 तक 215 शहरों में 503 स्टोर हो गए। इस दौरान स्टोर की संख्या में 45.99% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) रही। नॉलेज कंपनी रिपोर्ट के अनुसार, यह कंपनी को सबसे तेजी से बढ़ने वाली मोबाइल रिटेल चेन में शामिल करता है। यह वृद्धि दर प्रतिस्पर्धियों में दूसरी सबसे अधिक है और इसी अवधि में प्रतिस्पर्धियों की 19.29% की औसत वृद्धि दर से करीब 2.4 गुना है।
31 मार्च 2026 तक कंपनी के स्टोर कुल 2,41,365 वर्ग फुट क्षेत्र में फैले थे। नॉलेज कंपनी रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की प्रति वर्ग फुट बिक्री 1,46,347.03 रुपये रही, जो उसके प्रतिस्पर्धियों में सबसे अधिक थी। यह स्टोर में उपलब्ध जगह के बेहतर इस्तेमाल और स्टोर की उत्पादकता को दर्शाता है।
कंपनी मुख्य रूप से तीन ब्रांड—‘एसएस मोबाइल’, ‘मोबाइल एक्सचेंज वाला’ और ‘द मोबाइल स्पेस’—के माध्यम से कारोबार करती है। वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी ने ओलिनियो नेक्सस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (ओलिनियो) में 51.04% हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया। ओलिनियो भी इसी तरह के कारोबार में है। 31 मार्च 2026 तक ओलिनियो के 34 स्टोर थे और ये सभी महाराष्ट्र में संचालित हो रहे थे।
वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी ने ‘GIZMORE’ ब्रांड का भी अधिग्रहण किया, जो बी2बी रिटेल एक्सेसरीज ब्रांड है।
आईपीओ के तहत जारी किए जाने वाले इक्विटी शेयरों को बीएसई लिमिटेड और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) पर सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव है। इस ऑफर के लिए एनएसई को नामित स्टॉक एक्सचेंज बनाया गया है।
यह ऑफर बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के जरिए किया जा रहा है। यह एससीआरआर के नियम 19(2)(बी) और सेबी आईसीडीआर विनियमों के विनियम 31 के अनुरूप है। सेबी आईसीडीआर विनियमों के विनियम 6(1) के अनुसार, बुक बिल्डिंग प्रक्रिया में नेट ऑफर का अधिकतम 50% हिस्सा योग्य संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) के लिए आनुपातिक आधार पर आवंटन के लिए उपलब्ध होगा। इसे क्यूआईबी हिस्सा कहा जाएगा। कंपनी, बुक रनिंग लीड मैनेजरों (बीआरएलएम) के साथ विचार-विमर्श के बाद, सेबी आईसीडीआर विनियमों के अनुसार क्यूआईबी हिस्से का 60% तक हिस्सा एंकर निवेशकों को विवेकाधीन आधार पर आवंटित कर सकती है। इसे एंकर निवेशक हिस्सा कहा जाएगा। एंकर निवेशक हिस्से के 40% हिस्से में से 33.33% घरेलू म्यूचुअल फंड के लिए और 6.67% भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) के तहत पंजीकृत जीवन बीमा कंपनियों तथा पेंशन फंड विनियामक एवं विकास प्राधिकरण के तहत पंजीकृत पेंशन फंडों के लिए आरक्षित रहेगा। इसके लिए उन्हें एंकर निवेशक आवंटन मूल्य या उससे अधिक पर वैध बोली लगानी होगी। जीवन बीमा कंपनियों और पेंशन फंड के लिए आरक्षित हिस्से में कम सदस्यता रहने पर उपलब्ध शेयर घरेलू म्यूचुअल फंड को आवंटित किए जा सकते हैं। एंकर निवेशक हिस्से में कम सदस्यता या आवंटन नहीं होने की स्थिति में शेष इक्विटी शेयरों को क्यूआईबी हिस्से (एंकर निवेशक हिस्से को छोड़कर) यानी नेट क्यूआईबी हिस्से में जोड़ दिया जाएगा। नेट क्यूआईबी हिस्से का 5% हिस्सा केवल म्यूचुअल फंडों को आनुपातिक आधार पर आवंटन के लिए उपलब्ध होगा। इसके लिए ऑफर प्राइस या उससे अधिक पर वैध बोलियां मिलना जरूरी होगा। शेष नेट क्यूआईबी हिस्सा सभी क्यूआईबी, एंकर निवेशकों को छोड़कर, जिसमें म्यूचुअल फंड भी शामिल हैं, को आनुपातिक आधार पर आवंटित किया जाएगा।


