
पुणे के सर्वांगीण विकास के लिए पीएमआरडीए का मास्टर प्लान तेज करने के निर्देश
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान पुणे महाराष्ट्र
पुणे,। पुणे जिले के नियोजित एवं सर्वांगीण विकास के लिए पीएमआरडीए क्षेत्र में चल रहे और प्रस्तावित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को गति देने के निर्देश उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने दिए। सह्याद्री राज्य अतिथिगृह में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने पीएमआरडीए के विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि पीएमआरडीए के अंतर्गत 674 गांव और करीब 5,215 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र शामिल है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण, औद्योगिकीकरण, आबादी और पर्यटन को देखते हुए आने वाले वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकास का मास्टर प्लान तैयार किया जाए।
इनर रिंग रोड और मेट्रो को गति
पुणे इनर रिंग रोड, व्यापक मोबिलिटी प्लान के तहत प्रस्तावित परियोजनाओं, हिंगणगांव पुल और यवत रेलवे ब्रिज सहित अन्य कार्यों को गति देने के निर्देश दिए गए। शहर, औद्योगिक क्षेत्रों, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तथा एयरपोर्ट के बीच बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
माण-हिंजवड़ी-शिवाजीनगर मेट्रो लाइन-3 के काम में तेजी लाने के निर्देश देते हुए बताया गया कि 23 स्टेशनों वाली इस परियोजना में 12 स्टेशन पूरे हो चुके हैं, जबकि 5 स्टेशनों का काम अंतिम चरण में है।
नदियों के प्रदूषण पर विशेष ध्यान
इंद्रायणी, पवना, मुळा और मुठा नदियों के प्रदूषण को रोकने वाली परियोजनाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि केवल परियोजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके संचालन और रखरखाव के लिए आर्थिक रूप से टिकाऊ व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
पानी और अग्निशमन व्यवस्था का विस्तार
पीएमआरडीए क्षेत्र में बढ़ती आबादी को देखते हुए पेयजल की दीर्घकालीन व्यवस्था और नए जलस्रोत विकसित करने पर भी जोर दिया गया। वहीं, कासार आंबोली अग्निशमन केंद्र का काम प्रगति पर होने की जानकारी दी गई। क्षेत्र में 12 नए अग्निशमन केंद्र प्रस्तावित हैं, जिन्हें गति देने के निर्देश दिए गए।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पुणे महानगर क्षेत्र का विकास केवल सड़क और इमारतों तक सीमित न रहकर यातायात, पानी, पर्यावरण, अग्निसुरक्षा, उद्योग, पर्यटन और नागरिकों के जीवनस्तर को ध्यान में रखते हुए समग्र रूप से किया जाना चाहिए।



