
सवाल पूछने वाली पत्रकार दिव्या श्रीवास्तव से पूछताछ पर उठे सवाल
सत्ता वालों को सवालों से इतनी नफ़रत क्यों, मीडिया विभाग ही समाप्त कर दो !
विशाल समाचार | पत्रकार डी.एस. तोमर
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकार दिव्या श्रीवास्तव द्वारा सवाल पूछे जाने के बाद उनके साथ कथित तौर पर हुई पूछताछ को लेकर पत्रकारिता और लोकतंत्र से जुड़े गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए दावों में LIU द्वारा पूछताछ किए जाने की बात कही जा रही है।
सवाल यह है कि यदि किसी पत्रकार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सत्ता से सवाल पूछा, तो उसके बाद उससे पूछताछ की जरूरत क्यों पड़ी? यदि पत्रकार के खिलाफ कोई वैधानिक शिकायत या अपराध है तो उसकी जानकारी और कानूनी आधार स्पष्ट होना चाहिए।
पत्रकारिता का काम सत्ता की जय-जयकार करना नहीं, बल्कि जनता से जुड़े सवालों को सत्ता के सामने रखना है। ऐसे में दिव्या श्रीवास्तव के मामले में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि उनसे पूछताछ वास्तव में हुई या नहीं, किस विभाग ने की और उसका आधिकारिक आधार क्या था।
विशाल समाचार का सवाल सीधा है—पत्रकार सवाल पूछेगा तो जवाब मिलेगा या सवाल पूछने वाले से ही पूछताछ होगी?
शर्म की बात है।जो सवाल पूछे जनता के हित पर सवाल खड़े करें और पूछे उसी को जेल भेजने की तैयारी क्यों!
इस पूरे मामले पर संबंधित पक्षों का आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आना जरूरी है, ताकि आरोप और तथ्य अलग-अलग स्पष्ट हो सकें।
