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धान उपार्जन के लिए 15 सितंबर से शुरू होगा किसान पंजीयन

धान उपार्जन के लिए 15 सितंबर से शुरू होगा किसान पंजीयन

जिले में बनाए गए 25 पंजीयन केन्द्र, 10 अक्टूबर तक चलेगी प्रक्रिया

किसानों का भूमि, फसल एवं रकबे का विवरण एग्रीस्टेक डाटाबेस से होगा सत्यापित

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान मऊगंज मध्यप्रदेश 

  मऊगंज . खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया 15 सितंबर से शुरू होकर 10 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। कलेक्टर संजय कुमार जैन ने जिले में किसान पंजीयन के लिए कुल 25 पंजीयन केन्द्र निर्धारित किए हैं। पंजीयन कार्य सभी कार्य दिवसों में किया जाएगा। रविवार एवं शासकीय अवकाश के दिन पंजीयन नहीं होगा। इस वर्ष किसान पंजीयन प्रक्रिया को एग्रीस्टेक डाटाबेस से जोड़ा गया है। पंजीयन के दौरान किसान के स्वामित्व वाले खसरे, रकबे तथा बोई गई फसल की जानकारी एग्रीस्टेक डाटाबेस से प्राप्त होगी। इससे पंजीयन में किसान की वास्तविक भूमि एवं फसल संबंधी जानकारी का सत्यापन किया जा सकेगा।

 

 

उन्होंने कहा कि पंजीयन केन्द्रों पर खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए दो विकल्प उपलब्ध रहेंगे। एक विकल्प विगत वर्ष पंजीकृत किसानों के लिए तथा दूसरा नवीन किसानों के पंजीयन के लिए होगा। पूर्व पंजीकृत किसान आधार नंबर, समग्र परिवार आईडी, मोबाइल नंबर, एग्रीस्टेक किसान आईडी अथवा विगत वर्ष की किसान पंजीयन आईडी दर्ज कर अपना विवरण प्राप्त कर सकेंगे। आवश्यकता होने पर विवरण में नियमानुसार संशोधन किया जा सकेगा। नवीन किसानों को आवेदन में अपना पूरा विवरण दर्ज करना होगा। पंजीयन के दौरान किसान का सही आधार नंबर दर्ज करना अनिवार्य होगा। आधार का बायोमैट्रिक अथवा ओटीपी सत्यापन होने के बाद यूआईडीएआई के आधार डाटाबेस में दर्ज किसान की जानकारी ई-उपार्जन पोर्टल पर प्राप्त होगी। किसान के नाम और विवरण का आधार डाटाबेस से मिलान होने पर ही पंजीयन सुरक्षित किया जा सकेगा।

 

 

कलेक्टर ने कहा कि किसान पंजीयन में भूमि के खसरा नंबर, रकबा और बोई गई फसल की जानकारी एग्रीस्टेक डाटाबेस से ली जाएगी। पंजीयन में संबंधित किसान के खसरे की ही जानकारी दर्ज की जा सकेगी। यदि एग्रीस्टेक में किसान के सभी खसरे उपलब्ध नहीं हैं, तो शेष खसरे संबंधित पटवारी, सीएससी, ग्राम सहायक अथवा फार्मर रजिस्‍ट्री एमपी मोबाइल ऐप के माध्यम से एग्रीस्टेक डाटाबेस में जोड़े जा सकेंगे। खसरे में दर्ज फसल तथा उसके सिंचित अथवा असिंचित रकबे के आधार पर पंजीयन किया जाएगा। किसान को आवेदन में खसरेवार बोई गई फसल का विवरण दर्ज कराना होगा। ई-उपार्जन पोर्टल को एग्रीस्टेक से एकीकृत किए जाने के कारण भू-स्वामी के स्वामित्व वाले खसरे, फसल एवं रकबे की जानकारी के साथ किसान का यूनिक कोड और एग्रीस्टेक फार्मर आईडी भी पंजीयन डाटा में दर्ज होगा। जिन किसानों के पास आधार नंबर नहीं है, उन्हें आधार केन्द्र पर जाकर आधार के लिए आवेदन करना होगा। समग्र आईडी अथवा आधार आवेदन की पंजीयन पावती के आधार पर भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किसान का पंजीयन किया जा सकेगा। किसान द्वारा दर्ज मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी से सत्यापन के बाद पंजीयन सुरक्षित किया जाएगा। सफल पंजीयन के बाद इसकी जानकारी किसान को एसएमएस के माध्यम से प्राप्त होगी। किसान पंजीयन की जानकारी का प्रिंट भी पोर्टल से प्राप्त कर सकेगा। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए 15 सितंबर तक सक्षम अधिकारी से हस्ताक्षरित सिकमी/बटाईदार अनुबंध ही पंजीयन के लिए मान्य होगा।

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