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जलसंपदा विभाग के अभियंताओं के अनुभव का जल प्रबंधन के लिए उपयोग किया जाए – राधाकृष्ण विखे पाटील

जलसंपदा विभाग के अभियंताओं के अनुभव का जल प्रबंधन के लिए उपयोग किया जाए – राधाकृष्ण विखे पाटील

 

यशदा में अभियंता गौरव पुरस्कार वितरण समारोह

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान पुणे महाराष्ट्र 

पुणे,। जलसंपदा विभाग से सेवानिवृत्त अनुभवी अभियंताओं एवं अधिकारियों के दीर्घ अनुभव का उपयोग राज्य के भविष्य के जल प्रबंधन के लिए किए जाने की आवश्यकता है। इसके लिए जलसंपदा विभाग तथा प्रत्येक महामंडल के स्तर पर सलाहकार मंडल गठित करने पर विचार किया जाना चाहिए। यह प्रतिपादन जलसंपदा मंत्री (गोदावरी एवं कृष्णा घाटी विकास महामंडल) राधाकृष्ण विखे पाटील ने किया।

 

वे जलसंपदा विभाग की ओर से यशवंतराव चव्हाण विकास एवं प्रशासन प्रबोधिनी (यशदा) में आयोजित अभियंता गौरव पुरस्कार वितरण समारोह में बोल रहे थे। इस अवसर पर जलसंपदा विभाग के प्रधान सचिव एकनाथ डवले, परियोजना समन्वय सचिव जयंत बोरकर, लाभक्षेत्र विकास विभाग के सचिव प्रकाश मिसाल, विदर्भ पाटबंधारे विकास महामंडल के कार्यकारी निदेशक राजेश सोनटक्के, कृष्णा घाटी विकास महामंडल के कार्यकारी निदेशक हनुमंत धुमाल, गोदावरी घाटी विकास महामंडल के कार्यकारी निदेशक जयंत गवली, कोंकण पाटबंधारे विकास महामंडल के कार्यकारी निदेशक सुदर्शन पगार, तापी घाटी विकास महामंडल के कार्यकारी निदेशक राजेश मोरे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 

जलसंपदा मंत्री विखे पाटील ने कहा कि राज्य की कृषि एवं जल व्यवस्था के लिए अभियंताओं द्वारा किया गया कार्य महत्वपूर्ण योगदान है। पुरस्कार के माध्यम से उनके कार्यों का सम्मान किया जा रहा है। जलसंपदा विभाग के अनुभवी अधिकारियों एवं अभियंताओं ने लंबे समय तक महत्वपूर्ण कार्य किया है। उनके अनुभव का लाभ विभाग को लगातार मिलता रहना आवश्यक है। जल प्रबंधन एवं सिंचाई के क्षेत्र में उपलब्ध तकनीक का प्रभावी उपयोग करते हुए पानी का अधिक से अधिक कुशल उपयोग कैसे किया जा सकता है, इस पर सभी को विचार करना चाहिए।

 

जलसंपदा विभाग में पुरस्कारों की संख्या बढ़ाने की मांग पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए विखे पाटील ने प्रत्येक महामंडल के लिए कम से कम तीन पुरस्कार देने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष से प्रत्येक महामंडल के लिए तीन से पांच पुरस्कार रखने को उनकी मंजूरी है।

 

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सूखा-मुक्त महाराष्ट्र की संकल्पना को पूरा करने के लिए जलसंपदा विभाग के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से मिलकर प्रयास करने का आह्वान भी जलसंपदा मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील ने किया।

 

बांध का पानी किसान के खेत तक पहुंचाना ही उद्देश्य – जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन

 

जलसंपदा विभाग के अभियंताओं एवं अधिकारियों के अथक परिश्रम से महाराष्ट्र के जल विकास को बड़ी गति मिली है। बांधों का निर्माण करने के साथ ही उनमें उपलब्ध पानी को अंतिम किसान के खेत तक पहुंचाना और प्रत्येक बूंद का कुशल उपयोग करना विभाग का प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए। यह प्रतिपादन जलसंपदा मंत्री (विदर्भ, तापी एवं कोंकण पाटबंधारे विकास महामंडल) गिरीश महाजन ने किया।

 

जलसंपदा मंत्री महाजन ने कहा कि जलसंपदा विभाग राज्य के विकास की रीढ़ है। पाइप के माध्यम से वितरण प्रणाली, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई के जरिए पानी की रिसाव एवं वाष्पीकरण को कम करने पर जोर देने की आवश्यकता है। बांधों से गाद निकालना, उपयोग किए गए पानी का पुन: उपयोग तथा आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल भविष्य की महत्वपूर्ण चुनौतियां हैं। अभियंता गौरव पुरस्कार पूरे जलसंपदा विभाग की टीमवर्क का सम्मान है और पुरस्कार मिलने के बाद जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है।

 

जल परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए ‘सॉफ्ट पहलुओं’ पर जोर दें – एकनाथ डवले

 

जल परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए भूमि अधिग्रहण, वन एवं पर्यावरण मंजूरी तथा पुनर्वास से संबंधित मामलों की प्रभावी योजना बनाकर उन्हें निर्माण कार्य के साथ समन्वय स्थापित करते हुए पूरा किया जाना चाहिए। यह प्रतिपादन जलसंपदा विभाग के प्रधान सचिव एकनाथ डवले ने किया।

 

उन्होंने कहा कि जलसंपदा विभाग के लगभग छह हजार तकनीकी कर्मचारियों को प्रोत्साहन देने के लिए अभियंता पुरस्कारों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत जल संरक्षण, जल प्रबंधन, जल उपयोग संस्थाओं के प्रशिक्षण, सिंचाई विस्तार एवं जनभागीदारी के लिए योजना बनाने का आह्वान भी डवले ने किया।

 

इस अवसर पर राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा के अभियंता दिवस के अवसर पर दिए गए शुभकामना संदेश की वीडियो क्लिप दिखाई गई। साथ ही ‘राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2024’ में महाराष्ट्र को ‘सर्वश्रेष्ठ राज्य’ पुरस्कार मिलने पर बधाई दी गई।

 

अभियंता गौरव पुरस्कार

 

इस अवसर पर वर्ष 2019 से 2024 की अवधि के व्यक्तिगत एवं सामूहिक पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं का सम्मान किया गया।

 

वर्ष 2019 के व्यक्तिगत पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं में प्रकाश बाबूराव भोसले एवं प्रवीण पांडुरंग पारस्कर तथा सामूहिक पुरस्कार सांगली पाटबंधारे मंडल को प्रदान किया गया।

 

वर्ष 2020 के व्यक्तिगत पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं में निलेश गुरुनाथ भोईर, सचिन पुंडलिक पवार एवं मंगेश त्र्यंबकराव त्रिपिटे तथा सामूहिक पुरस्कार जिगांव परियोजना, बुलढाणा पाटबंधारे परियोजना मंडल को प्रदान किया गया।

 

वर्ष 2021 के व्यक्तिगत पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं में समाधान धोंडीबा सरपेलवार, अरुण रामचंद्र नाईक, सायली राजेंद्र पाटील, प्रमोद पुंजाजी महाले एवं विजय हरी पाटील तथा सामूहिक पुरस्कार मध्यवर्ती संकल्पचित्र संगठन, नासिक को प्रदान किया गया।

 

वर्ष 2022 के व्यक्तिगत पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं में संजीव दगडू चोपड़े, गोकुल श्रावण महाजन, प्रवीण वसंतराव देशमुख, धनंजय महादेव कोकरे एवं जयपाल संजय चौरसिया तथा सामूहिक पुरस्कार रत्नागिरी पाटबंधारे मंडल एवं नंदुरबार मध्यम परियोजना विभागीय दल को प्रदान किया गया।

 

वर्ष 2023 के व्यक्तिगत पुरस्कार प्राप्तकर्ता अजित भारत गौड़ तथा सामूहिक पुरस्कार जलवायु आधार सामग्री प्रक्रिया विभाग, नासिक को प्रदान किया गया।

 

वर्ष 2024 के व्यक्तिगत पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं अनिता उदय पराते एवं राजरत्न महादेवराव रणदिवे का भी सम्मान किया गया।

 

इस अवसर पर जलसंपदा विभाग के अधिकारी एवं उनके परिवार के सदस्य उपस्थित थे।

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