उत्तर प्रदेशऔरैयाप्रशासन

मिनी फील्ड यूनिट (फॉरेंसिक फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स’) हेतु एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

मिनी फील्ड यूनिट (फॉरेंसिक फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स’) हेतु एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान औरैया उत्तर प्रदेश 

 

अपर पुलिस अधीक्षक औरैया द्वारा साक्ष्य संकलन को सुदृढ़ बनाने हेतु थाना स्तर पर ‘मिनी फील्ड यूनिट (फॉरेंसिक फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स’) हेतु एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

 

अपराध अन्वेषण की प्रक्रिया को अधिक वैज्ञानिक, निष्पक्ष एवं प्रभावी बनाने तथा आपराधिक न्याय प्रणाली को मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक औरैया के निर्देशन में औरैया पुलिस द्वारा एक विशेष पहल की गई है। अपर पुलिस अधीक्षक औरैया की उपस्थिति में पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभागार कक्ष में “मिनी फील्ड यूनिट फॉरेंसिक फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।

 

कार्यशाला के मुख्य बिंदु:

 

प्रत्येक थाने में मिनी फील्ड यूनिट का गठन: जनपद के प्रत्येक थाना स्तर पर फील्ड यूनिट का गठन किया गया है, जिसमें चयनित दो-दो पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है।

 

घटनास्थल पर त्वरित कार्रवाई: यह दो सदस्यीय टीम किसी भी घटना की सूचना मिलने पर घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचकर मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार आवश्यक साक्ष्य संकलित करेगी, जिससे घटनाओं के त्वरित एवं सटीक साक्ष्यों में मदद मिलेगी।

 

वैज्ञानिक साक्ष्यों पर जोर: कार्यशाला के दौरान अधिकारियों द्वारा बताया गया कि आधुनिक आपराधिक न्याय प्रणाली में केवल पारंपरिक साक्ष्यों पर निर्भर रहने के स्थान पर फॉरेंसिक व वैज्ञानिक साक्ष्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

 

विस्तृत प्रशिक्षण: कार्यशाला में उपस्थित पुलिस कर्मियों को जनपद की फारेंसिक टीम द्वारा उपस्थित पुलिस कर्मियों को फॉरेंसिक साक्ष्य संकलन की आधुनिक विधियों एवं उपकरणों के प्रयोग के संबंध में विस्तार से प्रशिक्षित व अभ्यस्त कराया गया।

 

इस पहल से विवेचना प्रणाली अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक और गुणवत्तापूर्ण बनेगी, जिससे अपराधियों को मा0 न्यायालय में सजा दिलाने में सुगमता होगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button