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रोहित पवार किसानों के गन्ने के भाव और निजी शिक्षण संस्थानों में एमपीएससी भर्ती के लिए आंदोलन करें : सदाभाऊ खोत

रोहित पवार किसानों के गन्ने के भाव और निजी शिक्षण संस्थानों में एमपीएससी भर्ती के लिए आंदोलन करें : सदाभाऊ खोत

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान पुणे महाराष्ट्र 

पुणे प्रतिनिधि। किसान नेता सदाभाऊ खोत ने राष्ट्रवादी कांग्रेस के विधायक रोहित पवार पर निशाना साधते हुए कहा कि पैसा और सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर युवाओं को सड़कों पर उतारने के बजाय उन्हें किसानों और युवाओं के वास्तविक मुद्दों को लेकर आंदोलन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि रोहित पवार किसानों को गन्ने का पांच हजार रुपये प्रति क्विंटल भाव दिलाने और राज्य की निजी शिक्षण संस्थाओं में एमपीएससी के माध्यम से कर्मचारियों की भर्ती के लिए आंदोलन करते हैं, तो वे उनके नेतृत्व को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं।

 

सदाभाऊ खोत पुणे के शास्त्री रोड स्थित अहिल्या अभ्यासिका में एमपीएससी विद्यार्थियों द्वारा किए जा रहे आंदोलन में पहुंचे और विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं। विद्यार्थियों ने वर्णनात्मक परीक्षा में कथित अनियमितताओं को देखते हुए वस्तुनिष्ठ पद्धति से परीक्षा कराने, एमपीएससी की परीक्षाएं समय पर आयोजित करने तथा परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग रखी।

 

खोत ने कहा कि विद्यार्थियों की ये मांगें उचित हैं। सरकार को एमपीएससी के माध्यम से उपलब्ध सभी रिक्त पदों को भरने की दिशा में कदम उठाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग युवाओं के मुद्दों का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं और उन्हें भड़काकर सड़कों पर उतारने का प्रयास कर रहे हैं।

 

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार के कामकाज को समझना है तो सारथी और महाज्योती जैसी योजनाओं का लाभ लेकर शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों से मिलना चाहिए। सरकार को अनावश्यक रूप से बदनाम करने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए।

 

सरकार चर्चा के लिए तैयार

 

सदाभाऊ खोत ने कहा कि एमपीएससी विद्यार्थियों की सभी मांगों को लेकर सरकार सकारात्मक है और बातचीत के लिए तैयार है। जब सरकार चर्चा के लिए तैयार हो, तब किसी मुद्दे को अनावश्यक रूप से तूल देना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने भी पूर्व में आंदोलन किए हैं, लेकिन उस समय सरकार चर्चा के लिए तैयार नहीं थी, इसलिए आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

 

रोहित पवार और पवार परिवार के आंदोलन में उतरने पर खोत ने कहा कि उन्हें इसका आनंद है, लेकिन आरोप लगाया कि रोहित पवार राजनीतिक लाभ लेने के लिए गलत मुद्दे को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।

 

‘प्रामाणिक आंदोलन करना है तो किसानों के लिए लड़ें’

 

सदाभाऊ खोत ने रोहित पवार को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे वास्तव में प्रामाणिक रूप से आंदोलन करना चाहते हैं तो किसानों को गन्ने का पांच हजार रुपये प्रति क्विंटल भाव दिलाने के लिए आंदोलन करें। इसके साथ ही रयत शिक्षण संस्था जैसी पवार परिवार के नियंत्रण वाली शिक्षण संस्थाओं में एमपीएससी के माध्यम से कर्मचारियों की भर्ती कराने की मांग को लेकर भी आंदोलन करें। उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दों पर आंदोलन करने पर वे रोहित पवार के नेतृत्व को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं।

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