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NCDEX IPFT ने पुणे में दो दिवसीय निवेशक जागरूकता कार्यशाला आयोजित की

NCDEX IPFT ने पुणे में दो दिवसीय निवेशक जागरूकता कार्यशाला आयोजित की

 

डिजिटल धोखाधड़ी, अफवाहों और निश्चित रिटर्न के झांसे से बचने की दी जानकारी

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान पुणे महाराष्ट्र 

पुणे : एनसीडीईएक्स ने अपने इन्वेस्टर प्रोटेक्शन फंड ट्रस्ट (IPFT) के तहत इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ सिक्योरिटीज कमीशंस (IOSCO) के विश्व निवेशक सप्ताह 2026 के अवसर पर पुणे में 6 और 7 अक्टूबर 2026 को दो दिवसीय निवेशक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया।

 

कार्यशाला में प्रतिभागियों को डिजिटल धोखाधड़ी, अफवाहों और निश्चित रिटर्न का लालच देने वाली योजनाओं की पहचान करने के साथ ही सुरक्षित निवेश के लिए क्या करें और क्या न करें, इसकी जानकारी दी गई। महाराष्ट्र में कमोडिटी कारोबार के व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से विनियमित और पारदर्शी बाजार व्यवस्था किस प्रकार काम करती है, यह भी समझाया गया।

 

विश्व निवेशक सप्ताह IOSCO के नेतृत्व में चलाया जाने वाला वैश्विक अभियान है, जिसका उद्देश्य निवेशकों की शिक्षा और सुरक्षा को बढ़ावा देना है। वर्ष 2026 के प्रमुख विषयों में निवेशक जोखिम-सहनशीलता, डिजिटल धोखाधड़ी और स्कैम अलर्ट शामिल हैं। इसी अवसर पर NCDEX IPFT ने अपने स्तर पर इस जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया।

 

जागरूकता से शुरू होती है निवेशकों की सुरक्षा

 

कार्यशाला के उद्देश्य पर बात करते हुए NCDEX के मुख्य व्यवसाय अधिकारी केदार देशपांडे ने कहा कि निवेशकों की सुरक्षा जागरूकता से शुरू होती है। विनियमित बाजारों में भागीदारी बढ़ने के साथ निवेशकों के लिए पूरी जानकारी हासिल करना, सही सवाल पूछना और अत्यधिक आकर्षक या अवास्तविक ऑफरों से दूर रहना जरूरी है।

 

उन्होंने कहा कि लेनदेन में सामने वाले पक्ष की जांच करना, कॉन्ट्रैक्ट नोट प्राप्त करना और निश्चित रिटर्न का दावा करने वाली योजनाओं से दूरी बनाए रखना निवेश को सुरक्षित रखने के सरल और प्रभावी उपाय हैं। विश्व निवेशक सप्ताह के माध्यम से निवेशकों और किसानों के बीच जागरूकता को मजबूत करना उद्देश्य है, ताकि वे अधिक आत्मविश्वास और सुरक्षित तरीके से बाजार में भाग ले सकें।

 

कार्यशाला में बताए गए प्रमुख बिंदु

 

– धोखाधड़ी करने वाले अक्सर निश्चित रिटर्न का लालच देते हैं, जबकि बाजार में रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती।

– सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप के माध्यम से मिलने वाली अफवाहों और ‘हॉट टिप्स’ से सावधान रहने की सलाह दी गई।

– केवल एक्सचेंज में पंजीकृत सदस्यों के माध्यम से ही कारोबार करने और उनकी पंजीकरण स्थिति एक्सचेंज की वेबसाइट पर जांचने को कहा गया।

– अनधिकृत मध्यस्थों और ऑफ-मार्केट लेनदेन से बचने की सलाह दी गई, क्योंकि ऐसे मामलों में निवेशकों को एक्सचेंज की सुरक्षा का लाभ नहीं मिलता।

– प्रत्येक लेनदेन के लिए हस्ताक्षरित कॉन्ट्रैक्ट नोट, रिस्क डिस्क्लोजर स्टेटमेंट और खाते का विवरण नियमित रूप से जांचने पर जोर दिया गया।

– निवेशकों को अपने लेनदेन और खातों में किसी भी विसंगति की तुरंत जांच करने की सलाह दी गई।

– कीमतों में उतार-चढ़ाव से होने वाले जोखिमों के प्रबंधन के लिए कमोडिटी बाजार के साधनों की जानकारी दी गई।

 

निवेशकों को क्या करना चाहिए?

 

निवेशकों को केवल एक्सचेंज में पंजीकृत सदस्यों के माध्यम से कारोबार करना चाहिए और उनकी पंजीकरण स्थिति एक्सचेंज की वेबसाइट पर जांचनी चाहिए। प्रत्येक लेनदेन के लिए कॉन्ट्रैक्ट नोट और रिस्क डिस्क्लोजर स्टेटमेंट लेना चाहिए। खाते के विवरण का नियमित मिलान करना चाहिए और किसी भी विसंगति की तुरंत जानकारी देनी चाहिए। मार्जिन और मार्क-टू-मार्केट से संबंधित भुगतान भी समय पर करने की सलाह दी गई।

 

किन बातों से बचें?

 

निवेशकों को अफवाहों, ‘हॉट टिप्स’ या निश्चित रिटर्न के वादों पर भरोसा करके निवेश नहीं करना चाहिए। गैर-पंजीकृत मध्यस्थों के माध्यम से या बाजार के बाहर लेनदेन करने से बचना चाहिए। डब्बा ट्रेडिंग के जाल से दूर रहने और अपनी आर्थिक क्षमता से अधिक जोखिम नहीं लेने की सलाह भी दी गई।

 

कार्यशाला में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि निवेशक जागरूकता ही धोखाधड़ी से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। बाजार की कार्यप्रणाली की सही जानकारी होने पर निवेशक भ्रामक दावों और संभावित धोखाधड़ी को समय रहते पहचान सकते हैं।

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