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महाविद्यालय की अभिनव पहल अपराजिता–शक्ति उत्सव

महाविद्यालय की अभिनव पहल अपराजिता–शक्ति उत्सव

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान रीवा मध्य प्रदेश 

 रीवा . शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय रीवा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा महिला सशक्तीकरण, सुरक्षा, आत्मसम्मान तथा राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका को केंद्र में रखते हुए अपराजिता–शक्ति उत्सव का आयोजन किया गया। यह अभिनव पहल महिलाओं के अधिकारों, सामाजिक भागीदारी, नेतृत्व क्षमता और समकालीन चुनौतियों पर सार्थक संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को महिला सम्मान, समानता और सुरक्षित समाज के निर्माण के प्रति जागरूक करने के साथ महिला सशक्तीकरण से महिला नेतृत्व आधारित विकास तक की यात्रा को समझने का प्रयास किया गया।

कार्यक्रम में महिला सशक्तीकरण, महिला सुरक्षा, लैंगिक समानता, आर्थिक आत्मनिर्भरता, निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी, नेतृत्व क्षमता तथा भारतीय ज्ञान परंपरा एवं सभ्यता में नारी की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। परिचर्चा में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि महिलाओं की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब उन्हें शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा और समान अवसरों के साथ समाज तथा राष्ट्र के विकास में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने का अवसर मिले।

 

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार श्री जयराम शुक्ला ने नारी सम्मान और समकालीन सामाजिक परिस्थितियों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने समाज में महिलाओं की भूमिका और उनके योगदान को समझने की आवश्यकता पर जोर देते हुए युवाओं को सकारात्मक सोच, सामाजिक संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि महिलाओं के प्रति सम्मान केवल विचारों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि दैनिक व्यवहार और सामाजिक व्यवस्था में भी दिखाई देना चाहिए। युवाओं को समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने तथा महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा दी।

 

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रवींद्रनाथ तिवारी ने भारतीय ज्ञान परंपरा की विदुषियों गार्गी और मैत्रेयी का उल्लेख करते हुए भारतीय सभ्यता में महिलाओं की बौद्धिक, दार्शनिक और सामाजिक भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि भारतीय परंपरा में महिलाओं की विद्वत्ता और ज्ञान-साधना के अनेक उदाहरण मिलते हैं। वर्तमान डिजिटल युग के संदर्भ में उन्होंने महिला सुरक्षा, निजता, आत्मसम्मान और गरिमा के महत्व पर प्रकाश डाला।

 

कार्यक्रम में अधिवक्ता अंकिता पांडेय ने फेमिनिस्ट और भारत पर विचार रखें संस्कृत महाविद्यालय की डॉ. पूजा एवं शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय की डॉ. प्रीति ने भी अपने-अपने विचार साझा किए। उन्होंने महिला सशक्तीकरण, अधिकारों के प्रति जागरूकता, सुरक्षा, शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक विकास में महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में रचित मिश्रा द्वारा पैनल डिसकशन का संचालन किया गया।

 

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो.रबीन्द्रनाथ तिवारी के मार्गदर्शन एवं राष्ट्रीय सेवा योजना महिला ईकाई कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती प्रियंका जायसवाल के नेतृत्व में कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम के अंतिम चरण में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों द्वारा सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसमें गरबा सहित विभिन्न नृत्य प्रस्तुतियाँ दी गईं। स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए कार्यक्रम को जीवंत बनाया।

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