यस बैंक का शुद्ध लाभ 65 प्रतिशत बढ़कर 1,080 करोड़ रुपये पहुंचा
जमा राशि 3.54 लाख करोड़ और अग्रिम 3.09 लाख करोड़ रुपये के पार, एनपीए में भी सुधार
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान मुंबई महाराष्ट्र
मुंबई, । यस बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज करते हुए शुद्ध लाभ में सालाना आधार पर 65 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की है। बैंक का शुद्ध लाभ बढ़कर 1,080 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 655 करोड़ रुपये के आसपास था। बैंक के परिचालन लाभ में भी 29.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 1,678 करोड़ रुपये रहा।
बैंक की ओर से जारी वित्तीय परिणामों के अनुसार, दूसरी तिमाही में शुद्ध ब्याज आय 22.7 प्रतिशत बढ़कर 2,822 करोड़ रुपये रही। वहीं, गैर-ब्याज आय में सालाना आधार पर 14.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 1,882 करोड़ रुपये पहुंच गई। मुख्य शुल्क आय में भी 15.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
जमा और अग्रिम में उल्लेखनीय वृद्धि
यस बैंक की कुल जमा राशि सालाना आधार पर 19.5 प्रतिशत बढ़कर 3,54,004 करोड़ रुपये हो गई। वहीं, कुल अग्रिम राशि 23.7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 3,09,510 करोड़ रुपये पहुंच गई। विदेशी मुद्रा अवधि ऋण के प्रभाव को सामान्य करने के बाद अग्रिम राशि में सालाना आधार पर 17.6 प्रतिशत की वृद्धि रही।
खुदरा ग्राहकों और शाखाओं के माध्यम से जुटाई गई जमा राशि 2,07,985 करोड़ रुपये रही, जो कुल जमा का 58.8 प्रतिशत है। बैंक ने भारतीय रिजर्व बैंक की रियायती स्वैप सुविधा की अवधि के दौरान एफसीएनआर (बी) जमा के रूप में 18,575 करोड़ रुपये जुटाए।
एनपीए में सुधार, पूंजी स्थिति मजबूत
बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिला। सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (जीएनपीए) अनुपात घटकर 1.2 प्रतिशत रह गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 1.6 प्रतिशत था। शुद्ध गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनएनपीए) अनुपात भी घटकर 0.2 प्रतिशत रहा।
तिमाही के दौरान बैंक का औसत तरलता कवरेज अनुपात 131.4 प्रतिशत रहा, जबकि सामान्य इक्विटी टियर-1 पूंजी अनुपात 13.7 प्रतिशत दर्ज किया गया। बैंक का शुद्ध ब्याज मार्जिन 2.6 प्रतिशत रहा।
एटी-1 बॉन्ड मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले की समीक्षा
यस बैंक ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 15 अक्टूबर 2026 को अपने फैसले में बैंक के 8,415 करोड़ रुपये के अतिरिक्त टियर-1 (एटी-1) बॉन्ड को बट्टे खाते में डालने से संबंधित बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। बैंक के अनुसार, इस फैसले के प्रभावों का आकलन अभी पूरा नहीं हुआ है, इसलिए इसके संभावित प्रभावों को दूसरी तिमाही के घोषित वित्तीय परिणामों में शामिल नहीं किया गया है।
बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय एम. टोंस ने कहा कि बैंक का प्रदर्शन मुख्य परिचालन आय में वृद्धि और परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार से मजबूत हुआ है। उन्होंने बताया कि बैंक की कुल परिसंपत्तियां 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक, जमा राशि 3.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक और अग्रिम राशि 3 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है।
उन्होंने कहा कि बैंक सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करता है और उसकी विस्तृत समीक्षा कर रहा है। लागू कानूनी एवं नियामकीय आवश्यकताओं के अनुरूप उचित कदम उठाए जाएंगे। बैंक ने यह भी बताया कि क्रिसिल और इंडिया रेटिंग्स ने उसकी दीर्घकालिक क्रेडिट रेटिंग बढ़ाकर ‘एए+ (स्थिर)’ कर दी है।


