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पुणे में रविवार को होगा वेददृष्टि फाउंडेशन का छठा दीक्षांत समारोह

पुणे में रविवार को होगा वेददृष्टि फाउंडेशन का छठा दीक्षांत समारोह

 

150 विद्यार्थियों को मिलेंगे प्रमाणपत्र, शारदा, रत्नमाला और अक्षरलक्ष्मी पुरस्कारों से सम्मानित होंगी हस्तियां

रिपोर्ट: विशाल समाचार 

स्थान:पुणे महाराष्ट्र 

पुणे,। वेददृष्टि फाउंडेशन एवं ज्योतिष वास्तु विश्व अनुसंधान केंद्र, पुणे की ओर से रविवार, 1 नवंबर को छठे दीक्षांत समारोह एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। पद्मावती स्थित विणकर सभागृह में सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम की जानकारी संस्था के संस्थापक अध्यक्ष वेदमूर्ति उमेश कुलकर्णी गुरुजी ने पत्रकार वार्ता में दी। इस अवसर पर संस्था की संपर्क प्रमुख एडवोकेट श्रुति योगेश पिसे भी उपस्थित रहीं।

 

समारोह में महाराष्ट्र सहित देश-विदेश के लगभग 150 विद्यार्थियों को विभिन्न पाठ्यक्रमों के प्रमाणपत्र और पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। वास्तुशास्त्र, ज्योतिषशास्त्र, अंकशास्त्र, स्वप्नशास्त्र, पंचांग और लोलक विद्या सहित विभिन्न विषयों के पाठ्यक्रम पूरे करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। मुख्य प्रमाणपत्र वितरण कार्यक्रम सुबह 10 बजे शुरू होगा।

 

तीन प्रतिष्ठित पुरस्कारों से होगा सम्मान

 

समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली हस्तियों को सम्मानित किया जाएगा। शास्त्र आधारित शिक्षा के प्रसार और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को तैयार करने में योगदान के लिए वेदमूर्ति मंदार मधुकर जोशी को रत्नमाला पुरस्कार 2026 प्रदान किया जाएगा।

 

वैदिक साहित्य के अध्ययन, चिंतन और लेखन में योगदान के लिए प्रतिभा प्रभाकर भालेराव को शारदा पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया जाएगा। वहीं, साहित्यिक लेखन और रचनात्मक साहित्य सेवा में योगदान के लिए वंदना विजय धर्माधिकारी को अक्षरलक्ष्मी पुरस्कार 2026 प्रदान किया जाएगा।

 

पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी सम्मानित व्यक्तियों को स्मृतिचिह्न, प्रशस्ति-पत्र, शॉल, पारंपरिक पगड़ी, श्रीफल, सम्मानमाला और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया जाएगा।

 

विद्यार्थियों को मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण

 

समारोह का एक प्रमुख आकर्षण विद्यार्थियों के लिए आयोजित वास्तु स्थल का प्रत्यक्ष भ्रमण और व्यावहारिक मार्गदर्शन होगा। इस दौरान विद्यार्थियों को वास्तु संरचना, दिशाओं के निरीक्षण, वास्तु परीक्षण और पाठ्यक्रम में सीखी गई अवधारणाओं के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी जाएगी।

 

आयोजकों के अनुसार, इस पहल से विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ वास्तविक क्षेत्र का अनुभव भी मिलेगा और उनके व्यावसायिक कौशल को विकसित करने में मदद मिलेगी। मुख्य समारोह के बाद शाम 4:15 से 6 बजे तक व्यावहारिक वास्तु भ्रमण आयोजित किया जाएगा।

 

संस्था की ओर से पिछले कई वर्षों से वास्तुशास्त्र, ज्योतिषशास्त्र, अंकशास्त्र और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े विभिन्न विषयों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। संस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों का सम्मान करने के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा, शोध, साहित्य और शास्त्र आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करना है।

 

संस्था के संस्थापक अध्यक्ष वेदमूर्ति उमेश कुलकर्णी गुरुजी ने बताया कि इस वार्षिक समारोह के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रोत्साहन देने और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े विषयों के अध्ययन को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

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