
मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने किया अस्पताल, स्कूल और आंगनवाड़ी केन्द्र का निरीक्षण
हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के उपचार प्रबंधन पर विशेष ध्यान दें – सीईओ
अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों की कक्षा में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें – सीईओ
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान रीवा मध्य प्रदेश
रीवा : जन विश्वास अभियान के तहत गोविंदगढ़ में शिविर का आयोजन किया गया। अभियान के तहत विभिन्न कार्यालयों और संस्थाओं का निरीक्षण किया गया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती सृष्टि देशमुख ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गोविंदगढ़, पीएम श्री कन्या हाईस्कूल तथा आंगनवाड़ी केन्द्र का निरीक्षण किया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने अस्पताल में ओपीडी कक्ष, पोषण पुनर्वास केन्द्र, पैथालाजी कक्ष, स्टोर, प्रसव कक्ष तथा बर्थ वेटिंग होम का निरीक्षण किया। मौके पर उपस्थित चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश देते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कहा कि सभी गर्भवती महिलाओं का अनिवार्य रूप से पंजीयन कराएं। सीवियर एनिमिक गर्भवती महिलाओं की नियमित जाँच और उपचार करें। उनके उपचार प्रबंधन की जानकारी पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं। अस्पताल में पदस्थ काउंसलर एचआईवी तथा एसटीडी रोगों के संबंध में काउंसलिंग करने के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं को भी स्वच्छता, पोषण स्तर अच्छा रखने तथा नियमित जाँच के संबंध में सलाह दें। महिलाओं को शिशुओं के सम्पूर्ण टीकाकरण, शिशुओं को स्तनपान कराने एवं 6 माह के बाद समुचित पोषण आहार के संबंध में भी जागरूक करें।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने पीएम श्री स्कूल का निरीक्षण करते हुए कक्षाओं में विद्यार्थियों की कम उपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त की। मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कहा कि जो विद्यार्थी कई दिनों से कक्षा में उपस्थित नहीं हैं उनके माता-पिता से संपर्क करें। बच्चों को नियमित रूप से कक्षा में भेजने के लिए अभिभावकों को प्रोत्साहित करें। इस कार्य में मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा राजस्व अधिकारी भी सहयोग करेंगे। मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने विभन्न कक्षाओं का निरीक्षण करते हुए विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने बच्चों से किताबें पढ़वाई तथा पठन-पाठन की जानकारी ली। प्री प्राइमरी बाल वाटिका की साज-सज्जा तथा बच्चों को दी जा रही शिक्षा की मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने प्रशंसा की। उन्होंने शौचालय की नियमित साफ-सफाई तथा मध्यान्ह भोजन की समुचित व्यवस्था के संबंध में भी निर्देश दिए।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने वार्ड 15 में आंगनवाड़ी केन्द्र का निरीक्षण करते हुए बच्चों के वजन तथा लम्बाई की माप कराकर पोषण स्तर का मूल्यांकन किया। उन्होंने आंगनवाड़ी केन्द्र में उपस्थित धात्री माताओं से कहा कि बच्चों को 6 माह का होने के बाद स्तनपान कराने के साथ-साथ अतिरिक्त पोषण आहार दें। फल और सब्जियों को पकाकर बच्चों को खिलाएं। समय पर ठोस आहार न मिलने से बच्चों का पोषण कम हो जाता है। उन्होंने आंगनवाड़ी केन्द्र की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली। निरीक्षण के समय एसडीएम जितेन्द्र तिवारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुधाकर पाण्डेय, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास नयन सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलाल मिश्रा, डीपीसी राजेश तिवारी, नायब तहसीलदार चंदन तिवारी उपस्थित रहीं।



