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नशामुक्त बिहार अभियान को लेकर जिलाधिकारी ने की समीक्षा बैठक, व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने का दिया निर्देश

नशामुक्त बिहार अभियान को लेकर जिलाधिकारी ने की समीक्षा बैठक, व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने का दिया निर्देश

सूखे नशे सहित शराब, तंबाकू एवं गुटखा के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने पर विशेष जोर

रिपोर्ट: विशाल समाचार 

स्थान :सीतामढ़ी बिहार 

जिलाधिकारी श्री तनय सुल्तानिया की अध्यक्षता में आज विमर्श सभा कक्ष में नशामुक्त बिहार अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में डीडीसी श्वेता भारती, अपर समाहर्ता (राजस्व) श्री संजीव कुमार,प्रभारी जिला पंचायती राज पदाधिकारी बृजकिशोर पांडेय , नगर आयुक्त श्री गजेंद्र प्रसाद सिंह, उत्पाद अधीक्षक श्री सौरभ कुमार ,डीपीआरओ कमल सिंह ,सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

 

विदित हो कि जिले में नशामुक्त बिहार अभियान के तहत विभिन्न माध्यमों से लगातार जन-जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। यह अभियान आगामी 26 नवंबर तक चलेगा। अभियान को और प्रभावी बनाने तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर इसे जन-अभियान का स्वरूप देने के उद्देश्य से उक्त बैठक आयोजित की गई।

 

बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि नशे के विरुद्ध, विशेषकर सूखे नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों एवं इसके सेवन पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से व्यापक एवं सघन जागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए केवल प्रशासनिक प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि इसमें आम जनमानस की सक्रिय सहभागिता भी आवश्यक है।

 

जिलाधिकारी ने नगर निगम एवं जिले के अन्य नगर निकायों में व्यापक जागरूकता अभियान संचालित करने के लिए नगर आयुक्त को आवश्यक निर्देश दिए। वहीं, नुक्कड़ नाटक, फ्लेक्स एवं बैनर के माध्यम से आम लोगों तक नशामुक्ति का संदेश पहुंचाने के लिए जिला जन संपर्क पदाधिकारी को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि पहले से संचालित जागरूकता गतिविधियों को और गति देते हुए अभियान को अधिक प्रभावी एवं जनसहभागितापूर्ण बनाया जाए।

 

बैठक में डीपीएम, जीविका को निर्देश दिया गया कि वार्ड स्तर तक जीविका दीदियों के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाए। इस कार्य में ब्रह्माकुमारी संस्था का भी सहयोग लेने की बात कही गई। साथ ही, चिन्हित सार्वजनिक स्थलों, पार्कों, विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशे के विरुद्ध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश डीपीआरओ को दिया गया।

 

जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्रों सहित अन्य उपलब्ध माध्यमों का उपयोग करते हुए शराब, तंबाकू एवं गुटखा सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्परिणामों के प्रति आम लोगों को जागरूक करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जागरूकता का संदेश समाज के प्रत्येक वर्ग एवं प्रत्येक परिवार तक पहुंचना चाहिए, ताकि नशे की प्रवृत्ति पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

 

बैठक में शिक्षा विभाग, कला एवं संस्कृति विभाग, परिवहन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, ऊर्जा विभाग, पंचायती राज विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों को भी अपने-अपने स्तर से अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने तथा निर्धारित गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए।

 

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ अभियान को गंभीरता से संचालित करने का निर्देश देते हुए कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए निरंतर जागरूकता, जनसहभागिता एवं सामूहिक प्रयास बेहद जरूरी हैं।

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